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राज्य की शिक्षा व्यवस्था को ठप करने की तैयारी
राज्यकी शिक्षा व्यवस्था कभी भी ठप हो सकती है। अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्य के 87 हजार पारा शिक्षक, 35 हजार प्राथमिक शिक्षक, 2500 वित्त रहित हाईस्कूल के शिक्षक और 2500 इंटर कॉलेज के शिक्षकों ने आंदोलन छेड़ दिया है। इनके आंदोलन पर जाने से प्राथमिक शिक्षा लेकर इंटर कॉलेज तक की पढ़ाई पर खासा असर दिखाई देने लगा है। राज्य के प्राथमिक शिक्षक, हाईस्कूल और इंटर कॉलेज के शिक्षक शिक्षण कार्य भी बंद करने की तैयारी में हैं। राज्यभर के प्राथमिक शिक्षकों ने 19 और 20 सितंबर को सामूहिक अवकाश पर रहने की घोषणा की है। वहीं पारा शिक्षकों ने 18 सितंबर को स्कूल में कक्षाएं नहीं लेने की घोषणा की है। इधर, राज्य के सभी वित्त रहित हाईस्कूल, मदरसा, संस्कृत विद्यालय और इंटर कॉलेजों में 22 अौर 23 सितंबर को ताला लटका रहेगा।
प्राथमिकशिक्षक इसलिए कर रहे हैं आंदोलन
वित्तविभाग द्वारा जारी फिटमेंट टेबुल के कार्यान्वयन को स्थगित करने के आदेश को लेकर राज्यभर के प्राथमिक शिक्षकों ने आंदोलन छेड़ रखा है। शिक्षकों का कहना है कि कैबिनेट के फैसले को वित्त विभाग ने जान बूझकर महालेखाकर से मिलकर फिटमेंट टेबुल के कार्यान्वन का आदेश स्थगित किया है। अगर इसे वापस नहीं लिया गया तो राज्य भर के शिक्षक पूरी शिक्षण व्यवस्था को ठप कर देंगे। प्राथमिक शिक्षक 16 सितंबर को सभी जिला मुख्यालयों में डीसी के माध्यम से सीएम को मांग पत्र सौंपेंगे। 19 और 20 सितंबर को प्रदेश के प्राथमिक और मध्य विद्यालय के शिक्षक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे।
ठगरही सरकार : पारा शिक्षक
राज्यके 87 हजार पारा शिक्षकों ने एक बार फिर सरकार और विभाग के प्रति रोष व्यक्त करते हुए कहा है कि सरकार ने सिर्फ पारा शिक्षकों को ठगने का काम किया है। पारा शिक्षकों का स्थायीकरण किया गया और ही सम्मानजनक मानदेय दिया गया। इससे नाराज पारा शिक्षक 15 सितंबर को काला बिल्ला लगाकर शिक्षण कार्य करेंगे, 18 सितंबर को कलमबंद हड़ताल करेंगे साथ वे स्कूल आएंगे, लेकिन पढ़ाएंगे नहीं, 20 सितंबर को सभी प्रखंडों में मोटरसाइकिल जुलूस निकालेंगे, 27 सितंबर को जिला में जुलूस निकालेंगे, इसके बाद भी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो राजभवन के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना देंगे। इनकी प्रमुख मांगों में प्रशिक्षित पारा शिक्षकों को 18 हजार और अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों को 16 हजार रुपए मानदेय देना