पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • हम नहि चंगे, बुरा नहि कोई प्रणवत् नानक तारे सोई

हम नहि चंगे, बुरा नहि कोई प्रणवत् नानक तारे सोई

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अमेरिकासे आए ख्याति प्राप्त रागी अमरजीत सिंह तान के शबद गायन से संगत निहाल हो उठी। गुरुनानक जयंती के मौके पर गुरुवार को उन्होंने जैसे ही अपनी मधुर वाणी से अवल अल्ला नूर उपाया, कुदरत दे सब बंदे, एक नूर ते सब जग उपजिया कउन भले कौ मंदै...शबद गायन किया, दीवान में बैठी प्रभु भक्ति से जुड़ी संगत निहाल हो उठी। तबीयत ठीक होने के बावजूद उन्होंने लगातार शबद गायन कर संगत को प्रभु चरणों से जोड़े रखा। हम नहि चंगे, बुरा नहि कोई प्रणवत् नानक तारे सोई.. शबद गाकर उन्होंने यह बताने की कोशिश की कि अगर हम अच्छे नहीं हैं तो हमें किसी को बुरा कहने का हक नहीं है।

श्री गुरु सिंहसभा द्वारा प्रकाश पर्व मनाया गया। गुरु नानक स्कूल परिसर में बने विशाल पंडाल में हजूरी रागी भाई अमरीक सिंह और उनके सहयोगियों ने बाबा मन मतवारो नाम रस पीवै, सहज रंह हरि हरिया...शबद गाकर दीवान की शुरुआत की। उनके बाद गुरु नानक स्कूल के बच्चों ने भाई गुरदास द्वारा रचित इक बाबा अकाल रूप, दूजा रबाबी मरदाना...गाकर संगत का दिल मोह लिया। अमृतसर के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी मान सिंह ने गुरु नानक देव के बाल्यकाल जुड़े कई संस्मरणों का जिक्र किया। प्रो. डॉ. हरमिंदरबीर सिंह ने गुरु नानक के संदेश विद्या विचारी तो परोपकारी को आत्मसात कर मानवता की सेवा करने का आह्वाण किया। बीबी सुरिंदर कौर ने भी गुरु पर प्रकाश डाला। नवनीत कौर ने भी गुरबाणी का गायन कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

पंजाबी समुदाय के लोगों ने अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठानें बंद रखीं और रंग-बिरंगी लाइटों से रोशनी की। शाम के समय सिखों और सहजधारियों ने अपने घरों में दीपक जलाए। कड़ाह प्रसाद बनाकर लोगों में बांटा और आतिशबाजी भी की। श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान ने झारखंड की जनता को प्रकाश पर्व की बधाई दी है।

श्री गुरु सिंह सभा ने विनोवाभावे विवि के कुलपति डॉ. गुरदीप सिंह को सरोपा भेंट कर सम्मानित किया। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति वीरेंदर सिंह प|ी के साथ आए। गुरुघर में मत्था टेका और गुरु के आशीष लिए। सांसद रामटहल चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री अजुर्न मुंडा, मेयर आशा लकड़ा, डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय भाजपा नेता गामा सिंह भी पंडाल में संगत के साथ बैठे।

घरों में दीपमाला

अतिथियों को सरोपा भेंट

20 हजार से अधिक ने छका गुरु का लंगर

गुरु के अटूट लंगर में विभिन्न धर्मों