बकझक के बाद नेता को पुलिस ने मारा चांटा
सर्कुलर रोड में हरि ओम टावर के पास शनिवार की रात 8 बजे अखिल भारतीय युवा परिषद के प्रवक्ता मोनू शर्मा और पुलिस में झड़प हो गई। सादे लिबास में पुलिस नेता को पकड़ कर लालपुर थाना लेते गई। जब नेता के कार्यकर्ता थाना पहुंचने लगे, तो मोनू को छोड़ दिया गया।
मोनू शुक्ला ने बताया कि रात 8 बजे वह अपने कुछ कार्यकर्ताओं के साथ सीएम हाउस जाने की तैयारी कर रहे थे। बहुचर्चित तारा शाहदेव प्रकरण में उन्हें सीएम को ज्ञापन देना था। हरि ओम टावर के पास वह ज्ञापन की फोटो कॉपी कराने के लिए सड़क पार कर रहे थे, तभी लाल रंग की सेंट्रो कार का पहिया उनके दाहिने पैर पर चढ़ गया। उन्हें नहीं पता था कि कार में सादे लिबास में सुखदेवनगर के थानेदार रणधीर कुमार और लालपुर के थानेदार शैलेश बैठे हुए थे। मोनू का आरोप है कि उन्हें चांटा भी मारा गया। वहीं पास में पुलिस की एक जिप्सी खड़ी थी। जिप्सी पर बैठा कर उसे थाना ले जाया गया। बाद में उन्हें थाने से छोड़ दिया गया।
अनुज अपहरण कांड में तीन हिरासत में लिए गए
रांची. नीचेचुटिया बस्ती में रहनेवाला अनुज कुमार यादव 20 अगस्त से गायब है। उसके अपहरण की आशंका है। मुख्य आरोपी प्रिंस कुमार उर्फ अमित कुमार की तलाश में रांची पुलिस की एक टीम शुक्रवार की देर रात गुमला गई। पर उसके नहीं मिलने पर पुलिस ने उसके भाई आशीष कुमार अमित कुमार (टोटांबी) तथा महेश राम (डिस्नरी मुहल्ला) को हिरासत में लेकर शनिवार को रांची पहुंची। इनसे पूछताछ की जा रही है। इन्हें पुलिस ने प्रिंस पर दबाव बनाने के कारण हिरासत में लिया है, ताकि वो खुद थाने में हाजिर हो जाए। रांची के सीनियर एसपी प्रभात कुमार के निर्देश पर चुटिया के थानेदार विजय कुमार सिंह और जगन्नाथपुर के थानेदार रतन कुमार सिंह को गुमला गए थे। इनका गुमला के सदर थाना प्रभारी अनिल कुमार शर्मा ने सहयोग किया। चुटिया के थानेदार विजय कुमार सिंह ने बताया कि अनुज कुमार यादव को 20 अगस्त को उसके दोस्त प्रिंस कुमार ने फोन कर बुलाया था। उसके बाद वो घर नहीं लौटा।