नगद भुगतान पर भड़के कर्मी
राजधानी की सफाई व्यवस्था में लगे रांची नगर निगम के लगभग दो हजार डेली वेजेज कर्मचारियों को चेक के माध्यम से नहीं, अब सीधे नगद भुगतान किया जाएगा। यह फैसला शनिवार को हुई नगर निगम स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में लिया गया। इस पर कर्मियों कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नरेश राम का आरोप है कि निगम में अब डेली वेजेज कर्मचारियों के नाम पर पैसे की बंदरबांट का रास्ता साफ हो गया है। क्योंकि चेक के माध्यम से वैसे कर्मचारियों को मानदेय मिलता है, जिनका खाता बैंक में है और जो काम कर रहे हैं। लेकिन नगद भुगतान होने से अधिक कर्मचारियों के नाम पर मानदेय भुगतान दिखाना संभव हो पाएगा।
मालूम हो कि निगम सीईओ ने सभी कर्मचारियों को बैंक अकाउंट खोल कर चेक के माध्यम से मानदेय भुगतान करने का निर्देश दिया था, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। लेकिन जनप्रतिनिधियों ने चेक सिस्टम पर रोक लगा दी। बैठक में हटिया पुल के पास श्मशान घाट का निर्माण करने, डस्टबिन की खरीदारी टेंडर के माध्यम से करने, लॉ एडवाइजर के कार्यकाल को एक वर्ष के लिए विस्तार देने का मामला बोर्ड में रखने, चापानल मरम्मत के लिए जरूरी सामान की खरीदारी करने का निर्णय लिया गया। मौके पर मेयर आशा लकड़ा, डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, सीईओ मनोज कुमार, समेत वार्डों के पार्षद मौजूद थे।
दो हजार नए तरह का डस्टविन खरीदेगा निगम
नगरनिगम की ओर से शहर में प्रमुख स्थानों और घनी आबादी वाले मुहल्ले में नए तरह के दो हजार डस्टविन लगाए जाएंगे। इसके लिए एक हजार टीन के ड्रम की खरीदारी होगी। इसे दो भागों में बांटकर डस्टविन बनाया जाएगा। डस्टविन की खरीदारी पर कुछ पार्षदों ने विरोध जताया। इसके बाद टेंडर निकालकर डस्टविन की खरीदारी करने का निर्णय लिया गया।
अब मेयर के कार्यालय में रहेंगे दो सहायक
मेयरआशा लकड़ा ने निगम सीईओ को पत्र लिखकर अपने कार्यालय में दो आप्त सचिव को बहाल करने के लिए कहा था। लेकिन निगम में आप्त सचिव जैसा कोई पोस्ट नहीं है। इसलिए दो कार्यालय सहायक दैनिक वेतन पर बहाल होंगे। मेयर कार्यालय में पहले से कार्यरत आशा लकड़ा की करीबी काजल प्रधान और जय गणेश कुल्ला को सहायक के रूप में नियमित किए जाने की संभावना है।
सात सब्जेक्ट कमेटियां बनेंगी, बोर्ड में होगा फैसला
नगरनिगम में योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए सात सब्जेक्ट कमेटियों का गठन होगा। सभी कमेटियों में एक अ