विपक्ष के 16 फरवरी के धरना पर संशय
रांची | भूमिअधिग्रहण अध्यादेश और स्थानीयता के मसले पर 16 फरवरी को राजभवन के सामने विपक्ष के धरना कार्यक्रम पर संशय उत्पन्न हो गया है। पांच फरवरी को हेमंत सोरेन के आवास पर हुई बैठक में राजभवन मार्च के बाद धरना देने की भी घोषणा हुई थी। सोमवार को राज्यपाल से मिलने के बाद झाविमो नेता प्रदीप यादव ने कहा कि धरना होगा, जबकि झामुमो नेता हेमंत सोरेन ने कहा कि धरना पर अब पार्टी नेताओं के साथ फिर से बैठक कर इस पर विचार किया जाएगा, फिर निर्णय होगा। वैसे हेमंत ने यह भी कहा कि झामुमो इन दोनों विषयों पर राज्य में आंदोलन कर रहा है।
लोकतंत्र को गंदा कर रही भाजपा : प्रदीप
झाविमोविधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतंत्र को गंदा कर रही है। सरकार गठन के 44 दिन बाद भी मंत्रिमंडल का विस्तार करना असंवैधानिक है।
राज्यपाल को इस पर हस्तक्षेप करना चाहिए। मंत्री पद और पैसे का प्रलोभन देकर भाजपा दूसरी पार्टियों के विधायकों को खरीद रही है। यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। भाजपा का चरित्र उजागर हो गया है।
भाजपा के नापाक इरादे का विरोध : हेमंत
प्रतिपक्षके नेता हेमंत सोरेन ने आरोप लगाया कि धन-बल और सत्ता का लालच देकर भाजपा दूसरे दल के विधायकों को तोड़ने में लगी है। भाजपा के इस नापाक इरादे का विरोध होगा।
झामुमो नेता हेमंत सोरेन ने भी राज्यपाल से इस मसले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।