प्रोन्नति विवाद पर कार्रवाई का आदेश
रांची| झारखंडहाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जनसेवकों के पद पर कार्यरत लोगों की प्रोन्नति के संबंध में दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई का आदेश दिया है। इस संबंध में कालिपदा पाल ने एक याचिका तथा अवमाननावाद दायर किया है। इसमें कोर्ट को बताया है कि जनसेवकों की प्रोन्नति का आदेश दिए जाने के बाद भी सरकार कई लोगों को इसका लाभ नहीं दे रही है। सरकार की ओर से बताया गया कि कोर्ट ने प्रोन्नति के लिए प्रशिक्षण वर्ष को आधार बनाया था। इसके आधार पर जनसेवकों को प्रखंड कृषि पदाधिकारी के पद पर प्रोन्नति देने की कार्रवाई की गई है। कोर्ट के आदेश के तहत प्रार्थी प्रोन्नति की आहर्ता नहीं रखता। इसपर कोर्ट ने दो अलग-अलग आदेशों को एक साथ देखने के बाद कार्रवाई करने का आदेश दिया। पूर्व में जनसेवकों को प्रोन्नति दिए जाने का प्रावधान नहीं था। बाद में सरकार ने इन्हें प्रखंड कृषि पदाधिकारी के पद पर प्रोन्नति देने का निर्णय लिया। परंतु इसके लिए दो वर्ष का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य कर दिया।