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बीएड कॉलेजों को जमा करना होगा अंडरटेकिंग
बीएडकॉलेजों में इसी वर्ष से दो वर्षीय पाठ्यक्रम लागू हो गया है। इसका सत्र 2015-17 होगा। बुधवार को प्रभारी वीसी डॉ. एम रजीउद्दीन की अध्यक्षता में बीएड कॉलेज प्रबंधन की बैठक हुई। इसमें प्रबंधन को पाठ्यक्रम और रेगुलेशन की जानकारी दी गई। कॉलेज प्रबंधन को एनसीटीई के नियमों का पालन करना अनिवार्य है। जो बिल्डिंग, लैब, लाइब्रेरी, फैकल्टी से संबंधित सभी शर्तें पूरी करते हैं उसका अंडरटेकिंग प्रबंधन को आरयू मुख्यालय में जमा करने के लिए कहा गया है।
इससे पहले झारखंड बीएड ट्रेनिंग कॉलेज एसोसिएशन ने प्रभारी वीसी को बुके देकर स्वागत किया। इस अवसर पर डीएसडब्ल्यू डॉ. एससी गुप्ता, कॉलेज निरीक्षक डॉ. केसी झा, डॉ. जेबी पांडेय, रजिस्ट्रार डॉ. अमर कुमार चौधरी, एसोसिएशन के सचिव अनुज सिन्हा, इंद्रजीत भारती, जमील अख्तर, नितिन पराशर, रश्मि सिंह, संजीव कुमार तिवारी समेत अन्य बीएड कॉलेजों के प्रतिनिधि थे।
आरयू प्रशासन ने बैठक में कहा कि बीएड कॉलेजों के दो वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए शीघ्र निरीक्षण शुरू किया जाएगा। 25 फरवरी तक निरीक्षण कार्य पूरा कर लिया जाएगा, ताकि 10 मार्च तक मानव संसाधन विकास विभाग में एफिलिएशन के लिए प्रस्ताव भेजा जा सके। गौरतलब है कि पिछले वर्ष कॉलेज प्रबंधन द्वारा निर्धारित समय पर कागजात सौंप दिए जाने के बावजूद आरयू प्रशासन ने विलंब से एचआरडी को प्रस्ताव भेजा।
एनसीटीई ने बीएड कॉलेजों के मानक तय कर दिए हैं। दो वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए जमीन पहले से दोगुना होनी चाहिए। वर्तमान भवन और भूमि के आधार पर सिर्फ 50 सीटों पर ही एडमिशन लेना होगा। भूमि और भवन की शर्तें पूरी करने पर 100 सीटों पर एडमिशन ले सकते हैं। नए पाठ्यक्रम के तहत फैकल्टी की संख्या 15 होगी।
बीएड कॉलेज की बैठक में शामिल प्रभारी वीसी और अन्य अधिकारी।