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झाविमो ने जताया राज्य भर में विरोध

6 वर्ष पहले
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बागीविधायकों के भाजपा में शामिल होने के विरोध में झाविमो ने राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में काला दिवस मनाया। झाविमो नेता कार्यकर्ताओं ने राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर काली पट्टी लगाकर भाजपा का विरोध किया और पीएम, अमित शाह और सीएम रघुवर दास का पुतला फूंका। रांची में आयुक्त कार्यालय के समक्ष कार्यकर्ताओं ने काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।

इस मौके पर झाविमो महासचिव सुनील साहू ने कहा कि पैसे पद का प्रलोभन दे झाविमो विधायकों को खरीद कर भाजपा लोकतंत्र का गला घोंट रही है। इससे साबित होता है कि भाजपा में नीति-सिद्धांत समाप्त हो गया है। पार्टी इसके खिलाफ लड़ाई लड़ेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष प्रभु दयाल बड़ाईक और महानगर अध्यक्ष राजीव रंजन मिश्र ने की। इस मौके पर पूर्व मंत्री रामचंद्र केशरी, केंद्रीय प्रवक्ता अजीज मुबारकी, संतोष कुमार, जीतेंद्र वर्मा, उत्तम यादव, जीवेश सिंह सोलंकी, जीतेंद्र कुमार रिंकू, मोइन अंसारी, मो. नजीबुल्लाह खान सहित कई नेताओं ने अपने विचार रखे।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने झाविमो के छह विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग विस अध्यक्ष से की है। पार्टी ने इसे भाजपा की भ्रष्ट राजनीतिक करार दिया। पार्टी ने कहा है कि अगर इन विधायकों में नैतिकता बची है तो वे इस्तीफा देकर पुन: भाजपा की टिकट पर चुनाव जीत कर आएं।

झाविमो में बचे दो ही विधायकों में भी टूट होने से इनकार नहीं किया जा रहा है। सूचना के अनुसार झाविमो में प्रदीप यादव ही अकेला विधायक बच जाएं, इसकी संभावना बढ़ रही है। लातेहार के विधायक प्रकाश राम का भाजपा में शामिल होने का मार्ग अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। भाजपा राम के बीच बातचीत जारी है। राम भी अब अकेले झाविमो में रहने में अहसज महसूस कर रहे हैं।

झाविमो विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहार वाजपेयी की पार्टी के चाल, चरित्र और चेहरा को आज पूरी दुनिया ने देख लिया है। आज पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती है और इस दिन भाजपा ने यह कृत्य किया है। उन्होंने अपने विधायकों को अबोध नाबालिग करार देते हुए कहा कि भाजपा ने उनके विधायकों को पद पैसे का लालच देकर अपने खेमे में किया है। इसको लेकर झाविमो कानूनी और लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ेगी। यादव बुधवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल 12 फरवरी को विधानसभा अध्यक्ष से मिलेगा और मंत्रिमंडल विस्तार के पूर्व छहों विधायकों पर निर्णय लेने की मांग करेगा। भाजपा में शामिल हुए विधायकों की सदस्यता समाप्त करने की मांग भी की जाएगी। अगर उनलोगों को लोकतंत्र के मंदिर से न्याय नहींं मिला तो हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।



झाविमो ने पार्टी के दो अन्य विधायक रणधीर सिंह जानकी यादव की सदस्यता रद्द करने को लेकर बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भेज दिया है। इसमें पार्टी अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के हस्ताक्षर हैं।

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अजय कुमार ने झाविमो के छह विधायकों के भाजपा में शामिल होने पर कहा कि मुख्यमंत्री राजनीति का स्तर गिरा रहे हैं। कांग्रेस के भी कुछ विधायकों के भाजपा के संपर्क में होने के सवाल पर डॉ. अजय ने कहा हमारे विधायक कहीं नहीं जाने वाले हैं। सभी विधायकों से मेरी बात हो चुकी है।

घर वाला संतरी और बाहर वाला मंत्री नहीं चलेगा : आजसू

झाविमोके छह विधायकों का भाजपा में शामिल होने पर एनडीए के प्री-पोल एलायंस पार्टनर आजसू नाराज हो गई है। पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने कहा कि घर वाला संतरी और बाहर वाला मंत्री नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जनता ने एनडीए गठबंधन को पूर्ण बहुमत इसलिए दिया कि कोई जोड़-तोड़ हा सके। भगत ने कहा कि आजसू का मंत्रिमंडल विस्तार में उसका हिस्सा तय है। अभी पार्टी वेट एंड वाच की मुद्रा में रहेगी। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद ही पार्टी अपनी रणनीति तय करेगी। आजसू विधायक राज किशोर महतो ने कहा कि जब पूर्ण बहुमत प्राप्त था तो दूसरे दल से विधायक लाने का कोई मतलब ही नहीं बनता था। खैर भाजपा कुनबा बढ़ा रही है तो बढ़ाए इससे आजसू का कोई लेना-देना नहीं है मगर आजसू का जो कोटा तय है, वह उसे मिलना चाहिए।

भाजपा ने राजनीति

का चीर हरण किया : सुखदेव

झाविमोके छह विधायकों को शामिल कराकर भाजपा ने राजनीति का चीर हरण किया है। उक्त बातें कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत ने कही। उन्होंने कहा कि वास्तव में भाजपा इतने दिनों तक विधायकों के खरीद-फरोख्त में व्यस्त थी। जनता ने झाविमो को विपक्ष में बैठने का आदेश दिया था, लेकिन उसके कई विधायकों ने भाजपा के झांंसे में आकर जनता के साथ धोखा किया है।

मुख्यमंत्री को दिखाया गया काला झंडा

मुख्यमंत्रीरघुवर दास के रांची पहुंचने पर झाविमो कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय डिबडीह में सड़क के दोनों ओर खड़े होकर उन्हें काला झंडा दिखाया। इस बीच अफरा-तफरी का माहौल हो गया। हालांकि काला झंडा दिखाने की पूर्व सूचना पुलिस को मिल गई थी। इसलिए सीएम का काफिला गुजरने के पहले ही पार्टी कार्यालय के पास पुलिस बल तैनात कर दिए गए थे। मगर पुलिस कार्यकर्ताओं को रोक नहीं पाई और वे लोग सीएम को काला झंडा दिखाने में सफल हो गए।

रांची में भाजपा का विरोध करते झाविमो कार्यकर्ता।