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सुविधा की जगह परेशानी बढ़ा रही है टीवी-स्कूटी
स्टूडेंट्सजीवन में यदि तीन बातों पर अमल करना शुरू कर दंे, तो वह कोई भी परीक्षा पास कर सकते हैं। पहला कड़ी मेहनत, दूसरा पुण्य कर्म और तीसरा कम सुविधाओं का इस्तेमाल। बुधवार को भास्कर करियर एंड गाइडेंस कार्यक्रम में जवाहर विद्या मंदिर श्यामली के प्राचार्य एके सिंह ने छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि स्टूडेंट्स खुद की मेहनत से आगे बढ़ सकते हैं। अगर स्टूडेंट्स या माता-पिता ये सोचते हैं कि अच्छा करने के लिए किसी कोचिंग की मदद ली जाए, तो उनकी यह सोच गलत है। स्टूडेंट्स सेल्फ स्टडी और अपने स्कूल के शिक्षकों के मार्गदर्शन में ही बेहतर कर सकते हैं। किसी भी सब्जेक्ट को समझने के लिए सबसे अच्छा माध्यम उसका बार-बार रीविजन करना है। फिजिक्स हो या केमेस्ट्री या मैथ इन तीनों को समझने के लिए एनसीईआरटी की किताबों को अच्छी तरह से पढ़ें। स्टूडेंट्स के सभी कंसेप्ट क्लियर हो जाएंगे।
जेवीएम श्यामली के प्राचार्य एके सिंह ने एक अहम बात कही। उन्होंने कहा कि हमारे बुजुर्ग पढ़ाई कहा करते थे कि लालटेन बुझाकर फिर से पढ़ाई कर, यानी जो पढ़ा उसे रात में सोने से पहले रीकॉल करें, जो आज के स्टूडेंट्स नहीं करते हैं। इससे मेमोरी बढ़ती है।
भास्कर करियर एंड गाइडेंस कार्यक्रम में सैकड़ों सवाल पूछे गए। सवाल सिर्फ रांची ही नहीं, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, सिमडेगा, मेदिनीनगर और चतरा से भी आए। इसमें 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के अलावा करियर संबंधी सवाल भी पूछे गए।
भास्कर कार्यालय में छात्रों के सवालों का जवाब देते जेवीएम श्यामली के प्राचार्य एके सिंह।
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