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योगेंद्र के िखलाफ िगरफ्तारी वारंट

7 वर्ष पहले
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घर में कोई नहीं मोबाइल है बंद

पवन ने कहा- राजकुमार से है परिचय

पहुंचे और ही फोन किया योगेंद्र ने

उग्रवादीसंगठन झारखंड टाइगर ग्रुप से संबंधों के मामले में फंसे पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव पुिलस के समक्ष हािजर नहीं हुए। उन्हें मंगलवार की सुबह सदर थाने में पुलिस के सवालों का जवाब देना था। सवालों की सूची के साथ तैयार पुलिस अधिकारी तीन घंटे तक योगेंद्र साव का इंतजार करते रहे। अंतत: कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने उनके विभिन्न ठिकानों पर छापामारी शुरू कर दी। देर शाम तक विभिन्न स्थानों पर छापे मारे गए। पुलिस की एक टीम रांची रवाना हो गई। कोर्ट ने योगेंद्र के भाई धीरेंद्र साव के खिलाफ भी वारंट जारी किया है। पुलिस जहां धीरेंद्र की गिरफ्तारी के लिए छापे मार रही है, वहीं सोमवार को गिरफ्तार किए गए योगेंद्र के चचेरे भाई पवन साव को पुलिस ने पूछताछ के बाद मंगलवार को जेपी केंद्रीय कारा भेज दिया।

पवन साव को जेल ले जाते पुिलसकर्मी।

डीएसपी ने बताया कि पूछताछ में अप्राथमिक अभियुक्त पवन साव ने राजकुमार गुप्ता के साथ परिचय होने की बात स्वीकार की है। वहीं टाइगर ग्रुप और झारखंड बचाव आंदोलन में संलिप्तता से इनकार किया है। जबकि सीडीआर में राजकुमार गुप्ता और पवन साव के बीच हुई बातचीत की पुष्टि हुई है। जेल जाते वक्त मीडिया के समक्ष पवन ने कहा कि हम ठेकेदारी करते हैं। जेपीसी के विजय नामक व्यक्ति ने हमसे लेवी मांगी थी। पवन ने कहा कि राजकुमार गुप्ता उससे लेवी मांगता था। इसे लेकर ही उससे बातचीत हुई है।

लंबा इंतजार करने के बाद पुलिस ने योगेंद्र साव की तलाश शुरू कर दी। पुलिस और मीडिया के लोग जब उनके हुडहुडू स्थित आवास पर पहुंचे तो परिवार का एक सदस्य भी वहां नहीं मिला। योगेंद्र साव के सार्वजनिक नंबर वाले मोबाइल फोन पर भी डायल किया गया, जो बंद पाया गया। योगेंद्र के पैतृक गांव पहरा में भी तलाश की गई। वहां उनके नहीं पहुंचने की जानकारी दी गई।

हजारीबाग सदर थाने में तैनात पुिलसकर्मी।

डीएसपी एचएल रवि ने बताया कि सोमवार को योगेंद्र साव ने खुद उन्हें फोन कर कहा था कि वह पुलिस के सवालों का जवाब देने के लिए मंगलवार की सुबह 10 बजे सदर थाने में उपस्थित हो जाएंगे। निर्धारित समय पर मामले के अनुसंधानकर्ता बड़कागांव इंस्पेक्टर अवधेश सिंह सवालों की फाइल के साथ सदर थाने में तैयार थ