वेलेंटाइनसप्ताह म
नतीजे हैं आने वाले
परिणाम चुनाव के हैं आनेवाले/किस्मत के बंद दरवाजे खोलने वाले/हर तरफ हो रहा है अनुमान/प्रचार पे सबको अपने है गुमान/नेता-कार्यकर्ता हैं डींगे हांक रहे/अपनी जीत का डंका पीट रहे/मीडिया भी है हांफ रही/एक्जिट पोल जांच रही/खिलेगा कमल या हाथ का सहारा होगा/सबके सपनों पे क्या झाड़ू फिरेगा/जनता कर रही फैसले का इंतजार/सोच रही, इस बार/ राजधानी पे होगा किसका राज/दिल्ली वाकई बनेगी सरताज।
मनीषघायल वर्मा, नीलांचल कॉलोनी, धनबाद से...
वेलेंटाइनसप्ताह में लोग रोज अपने पैसे गुलाब, चॉकलेट आदि पर खर्च कर रहे हैं। एक तरफ हमारे देश में गरीब पैसों के बिना मर रहे हैं, दूसरी तरफ हम पैसे बर्बाद कर रहे हैं। वेलेंटाइन सिर्फ एक साथी के प्रति नहीं, बल्कि देश के गरीब, माता-पिता के लिए भी होना चाहिए। 50 प्रतिशत युवाओं का जीवन वक्त से पहले प्यार, टाइमपास और फ्लर्ट की वजह से बर्बाद होता है। जिस उम्र में आप खुद नासमझ हैं, उस उम्र में अपना या किसी और का दिल तोड़ना कहां तक सही है। कोई भी इंसान कामयाब साथी चाहता है। प्यार तो हम जीवन भर सकते हैं, लेकिन कामयाब होने का वक्त बार-बार नहीं आएगा।
प्रियंकासिंह रायजादा, आबादगंज, डालटनगंज से...
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