रिम्स मामले की जांच हो : बंधु
रिम्सके ट्राइबल छात्रों के समर्थन में आदिवासी सरना समिति के बैनर तले राजभवन के समक्ष सोमवार को धरना िदया गया। पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि तीन फरवरी को रिम्स में घटी घटना की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। प्रशासन द्वारा एकतरफा कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई करके 25 आदिवासी छात्रों को निलंबित कर दिया है। आदिवासी महिला छात्रों के कमरे के बाहर आपत्तिजनक शब्द लिखे गए थे। इससे छात्रों का आक्रोशित होना लाजमी है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में एक मंत्री की सीधी दखल है। उनकी शह पर सभी कुछ हो रहा है। अगर जल्द निलंबन वापस नहीं हुआ और दोषियों को सजा नहीं मिली तो उग्र आंदोलन होगा। उन्होंने कहा कि हॉस्टल अलाॅटमेंट भी ठीक ढंग से नहीं होता है। समिति के अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा कि रिम्स में आदिवासी छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है। धरना को शिवा कच्छप, संजय तिर्की, निरंजना हेरेंज, बलकू उरांव, मीरा टोप्पो और शोभा कच्छप ने संबोधित किया।
राजभवन के पास धरना में शामिल हुए बड़ी संख्या में लोग।