चीनी साढ़े चार साल के निचले स्तर पर
मनीभास्कर डॉट कॉम|नई दिल्ली
देशमें चीनी की कीमतें करीब साढ़े चार साल के निचले स्तर पर गई हैं। महाराष्ट्र में चीनी एस30 क्वालिटी के दाम 2,350 रुपए प्रति क्विंटल पर गए हैं। यह अगस्त 2010 के बाद सबसे कम कीमत है। इसकी मुख्य वजह मिलों पर गन्ना किसानों के भुगतान का दबाव है। नकदी की कमी से जूझ रही मिलों को पैसे के इंतजाम के लिए बाजार में मजबूरन चीनी की सप्लाई बढ़ानी पड़ी है। इससे कीमतों में गिरावट आई है। इस साल भी चीनी का उत्पादन मांग से अधिक होने के आसार हैं। इससे भी कीमतों पर दबाव है।
चीनी उद्योग के संगठन इस्मा के मुताबिक अभी मिलों पर किसानों का 11,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का बकाया है। ऐसे में यदि सरकार ने जल्द उद्योग को राहत देने के लिए निर्यात पर सब्सिडी नहीं दी तो कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है। फिलहाल पूरे देश में 500 चीनी मिलें चल रही हैं। इनमें से 171 मिलें महाराष्ट्र में हैं, जिनमें 99 सहकारी हैं। गौरतलब है कि भारत दुनिया में चीनी का दूसरा बड़ा उत्पादक है। मार्केटिंग वर्ष 2013-14 के दौरान देश में 244 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। और 21.1 लाख टन चीनी का निर्यात किया था।
निर्यात सब्सिडी पर फैसला विचाराधीन : पासवान
खाद्यमंत्री राम विलास पासवान ने कहा है कि कच्ची चीनी के निर्यात पर सब्सिडी का मामला विचाराधीन है। मंत्रालय चालू मार्केटिंग वर्ष 2014-15 (अक्टूबर-सितंबर) के दौरान 14 लाख टन कच्ची चीनी के निर्यात पर सब्सिडी दिए जाने के पक्ष में है। इस संबंध में कैबिनेट नाेट जारी किया गया है। अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इस साल 250 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है।