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हाईकोर्ट के नये भवन निर्माण को मिली तकनीकी स्वीकृति
झारखंडहाईकोर्ट के नए भवन का निर्माण अप्रैल 2015 से शुरू होगा। भवन निर्माण को लेकर तकनीकी स्वीकृति मिल गई है। अब प्रशासनिक स्वीकृति के लिए विभाग ने इसकी फाइल मुख्यमंत्री रघुवर दास के पास भेज दी है। 165 एकड़ में बनने वाले इस भवन के निर्माण पर 329 करोड़ रुपए खर्च आने का अनुमान है। मुख्यमंत्री से स्वीकृति मिलने के बाद प्रस्ताव को कैबिनेट की हरी झंडी के लिए भेजा जाएगा। भेजे गए प्रस्ताव में सिर्फ हाईकोर्ट भवन का ही डीपीआर है। आवासीय परिसर बनाने को लेकर प्रस्ताव अलग से भेजा जाएगा। सरकार पहले चरण में हाईकोर्ट का भवन बनाना चाहती है। कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद निविदा निकाल कर देश की प्रसिद्ध भवन निर्माता कंपनी से निर्माण कराने की योजना है। धुर्वा में बनने वाले हाईकोर्ट के नये भवन का शिलान्यास सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस अल्तमश कबीर ने साल 2012 में किया था। लेकिन तीन साल बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। हाईकोर्ट खुद इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहा है। जिस वजह से निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में तेजी आने की संभावना है। माना जा रहा है कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में हाईकोर्ट भवन का निर्माण कार्य हर हाल में शुरु कर दिया जाएगा।
हाईकोर्ट का नया भवन आधुनिकतम और बेहतर होगा। भवन का निर्माण अगले 50 साल की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाना है। तीन मंजिले भवन में 21 कोर्ट रूम होंगे। जिसमें एक कार्यालय मुख्य न्यायधीश का और 20 न्यायाधीशों के लिए होगा। इसके अलावा रजिस्ट्रार जनरल सहित 13 रजिस्टरों के बैठने के लिए भी सुविधा युक्त कार्यालय होंगे। इनसे जुड़े कर्मचारियों के लिए भी कार्यालय बनाने की योजना है। इसके अलावा महाधिवक्ता और अपर महाधिवक्ताओं के लिए भी अलग से कार्यालय होंगे। जबकि वकीलों के लिए अलग से एडवोकेट बिल्डिंग होगी। अलग से लाइब्रेरी और अन्य सुविधाएं भी होंगी।