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सुधरेगी गुणवत्ता, हाई स्कूल शिक्षकों को दी जाएगी ट्रेनिंग

6 वर्ष पहले
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हाईस्कूलों में भी स्टूडेंट्स को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। इसके लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण की भूमिका भी अहम होती है। पूरे देश में शिक्षा के क्षेत्र में अनेक नवाचार प्रयोग हो रहे हैं। नित नए अनुसंधान और खोज के परिणाम स्वरूप शिक्षण विषयों और शिक्षण तकनीक में काफी कुछ नई चीजें आई हैं। इन सब से शिक्षकों को अवगत कराने और नई-नई विधियों की जानकारियों को शिक्षकों को देने के लिए झारखंड माध्यमिक शिक्षा परियोजना परिषद ने शिक्षक प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया है। झारखंड के हाई स्कूल के शिक्षकों के लिए पहली बार प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार हुआ है। इसमें सभी शिक्षकों का शामिल होना अनिवार्य है।

झारखंड माध्यमिक शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से तैयार इस मॉड्यूल से राज्य के राजकीय, राजकीयकृत और प्रोजेक्ट विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहले चरण का प्रशिक्षण कार्य पिछले सप्ताह से शुरू हो गया है।

{वार्षिक-माध्यमिक परीक्षा के ब्लू प्रिंट तथा प्रश्न पत्र प्रारूप तैयार करने की जानकारी देना।

{वार्षिक माध्यमिक परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन करना।

{आरएमएसए के तहत व्यावसायिक शिक्षा, समेकित शिक्षा, आईसीटी लैब, स्मार्ट स्कूल, मॉडल स्कूल, बालिका छात्रावास, खेलकूद और विज्ञान प्रदर्शनी की जानकारी देना।

{शिक्षक प्रशिक्षण मॉड्यूल में कई चीजों पर फोकस किया गया है। इसमें शिक्षण को रुचिकर-बोधगम्य और प्रभावकारी बनाना, शिक्षकों को शिक्षा के महत्व, अनिवार्यता, प्रसार के प्रति जागरूक करना है।

{विभिन्न विषयों की पाठ्य पुस्तकों का अध्ययन करते हुए उसकी संपूर्ण तथा व्यापक समझ का आधार तैयार करना।

{शिक्षकों को राष्ट्रीय पाठ्यचर्या 2005 के मानकों के अनुरूप शिक्षा देने के लिए तैयार करना।

राज्य में प्राथमिक शिक्षा और सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्रत्येक वर्ष शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाता है। लेकिन माध्यमिक स्तर पर इस तरह की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। जबकि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान में माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के प्रशिक्षण को अनिवार्य किया गया है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों के उत्प्रेरण के अलावा शिक्षक तकनीक और विषय ज्ञान पर विशेष बल देना है। इसमें शिक्षकों को राष्ट्रीय पाठ्यचर्चा की रूप रेखा के साथ सतत एवं समग्र मूल्यांकन की भी जानकारी दी जाएगी। इसमें साइंस, मैथ और इंग्लिश विषय शामिल हैं।