हरि नाम का जाप करें : योगेंद्र स्वामी
मेनरोड स्थित विश्वकर्मा मंदिर में रविवार को इस्कॉन की ओर से भक्ति रसामृत महोत्सव का शुभारंभ हुआ। तीन दिनों तक चलने वाले महोत्सव की शुरुआत नगर-कीर्तन के साथ हुआ। भगवान श्रीकृष्ण को पालकी पर विराजमान किया गया। भक्त मंदिर से निकलकर अलबर्ट एक्का चौक तक भजन गाते हुए नगर भ्रमण में शामिल हुए। शाम साढ़े चार बजे से प्रवचन शुरू हुआ।
जम्मू के उधमपुर से आए योगेंद्र स्वामी ने तीन घंटे तक रसमय भागवत कथा की। उन्होंने कहा कि कलियुग में भवसागर को पार करने का एकमात्र उपाय है हरि नाम का जाप करना। उन्होंने कहा कि आज से 500 वर्ष पहले श्रीकृष्ण भक्त का रूप धारण कर चैतन्य बनकर अपनी भक्ति का आनंद लेने और समस्त जगह में इसका विकरण करने आए। जब वे झारखंड के जंगलों से गुजरे, तो पशु-पक्षी सभी बैर भूलकर हरिनाम के साथ नाचने लगे। संगीतमय भजन के साथ भागवत गीता का उल्लेख करते हुए उन्होंने सभी को हरि नाम पर झुमाया। भक्तों ने दोनों हाथ उठाकर नाचते-गाते हुए इसमें भाग लिया। इसमें स्थानीय लोगों के अलावा दिल्ली और अमृतसर के इस्कॉन मंदिर से आए भक्त शामिल थे।
भक्तिरसामृत महोत्सव में लगा स्टॉल : इसअवसर पर इस्कॉन के विभिन्न सामानों के दो स्टॉल लगाए गए। श्रीकृष्ण टीशर्ट की कीमत 300 रुपए, माला 100 से 300 रुपए, पोस्टर 300 रुपए, ब्रेसलेट 50 रुपए, लॉकेट 40 रुपए और किताब सीडी 50 से 2000 रुपए तक में उपलब्ध है।
योगेंद्र स्वामी ने भक्तों को रसमय भागवत कथा सुनाई।