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भ्रष्टाचार पर निगम में बवाल

6 वर्ष पहले
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नगरनिगम में फैले भ्रष्टाचार पर मंगलवार को बोर्ड की बैठक में पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। भ्रष्टाचार में लिप्त पदाधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज नहीं होने से नाराज पार्षदों ने बैठक शुरू होने ही नहीं दी। जैसे ही मेयर आशा लकड़ा ने बैठक की कार्रवाई शुरू की, वार्ड नंबर 28 के पार्षद अशोक बड़ाईक 30 के पार्षद ओमप्रकाश शोर करने लगे। बड़ाईक ने कहा कि आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज नहीं करा कर अधिकारी उन्हें बचाना चाहते हैं। ऐसे पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। सभी पार्षद एक स्वर में टैक्स घोटाले के आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग करने लगे। काफी हो हल्ला के बीच पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। पार्षदों के रुख को देखते हुए मेयर ने बैठक स्थगित करने की घोषणा कर दी। मौके पर डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, निगम सीईओ ओमप्रकाश साह, उप नगर आयुक्त राजेश कुमार, ज्ञानेंद्र कुमार सहित सभी पार्षदगण उपस्थित थे।

इधर, बोर्ड की बैठक में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने का एजेंडा रखा गया था। ट्रैफिक सुधार के लिए सरकारी निर्देश पर बोर्ड को महत्वपूर्ण निर्णय लेना था। लेकिन बैठक स्थगित होने से यह धरा का धरा रह गया।

इन एजेंडों पर होना था निर्णय

{रद्दकिए गए वाहन पड़ाव की राशि ठेकेदार को वापस करने पर निर्णय लिया जाना था।

{ बिग बाजार, चर्च कांप्लेक्स, सर्जना चौक और कचहरी रोड में गोपाल कांप्लेक्स के सामने यू टर्न को बंद करने पर निर्णय होना था।

{ रातू रोड में रिलायंस फ्रेश और दुर्गा मंदिर को छोड़कर सभी डिवाइडर के कट को बंद करना

{ मेन रोड में चर्च कांप्लेक्स के सामने स्थित फुट ओवरब्रिज को हटाने का निर्णय होना था।

{ फुटपाथ वेंडर्स को जयपाल सिंह स्टेडियम, बकरी बाजार, ओल्ड जेल कैंपस के सामने वेंडिंग जोन बचाने का निर्णय होना था।

{ निगम द्वारा बनाए गए पार्किंग स्थल पर अवैध रूप से लग रहे दुकानों को हटाने पर निर्णय लिया जाना था।

मेयर और डिप्टी मेयर के बीच बढ़ी तकरार

डिप्टीमेयर को जानकारी दिए बिना कई फाइल मेयर के पास पहुंच रही है। इससे डिप्टी मेयर नाराज चल रहे हैं। डिप्टी मेयर ने नगर विकास सचिव को इससे अवगत कराया है। जबकि नगर विकास विभाग ने 2012 में भी स्पष्ट कर दिया था कि स्टैंडिंग कमेटी या निगम बोर्ड की बैठक से संबंधित फाइल डिप्टी मेयर के पास जाएगी, इसके बाद ही मेयर के पास भेजी जाएगी।

शहीद संकल्प के नाम पथ का नामकरण नहीं हो सका

मुख्यमंत्रीरघुवर दास ने शहीद संकल्प के निवास स्थान तक जाने वाली सड़क का नामकरण करने का निर्देश दिया है। इस प्रस्ताव को नगर निगम बोर्ड में रखा गया था, लेकिन बोर्ड की बैठक स्थगित होने से यह भी संभव नहीं हो सका।

पूर्व में निगम बोर्ड की बैठक 14 फरवरी को बुलाने की तैयारी थी। लेकिन मेयर ने अचानक 10 फरवरी को बैठक बुलाने की तिथि तय कर दी। बैठक की सूचना सोमवार को आनन-फानन में दी गई। कई पार्षदों को फोन पर ही सूचना दी गई। इससे सभी पार्षद भड़क गए। कहा कि एजेंडा स्पष्ट नहीं होने पर बैठक में शामिल होने का कोई मतलब ही नहीं।

निगम बोर्ड की बैठक में भ्रष्ट पदािधकारियों पर प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर हंगामा करते पार्षद।