पोस्ट ऑफिस अब बनेगा पोस्ट शॉपी
वहजमाना गया, जब पोस्ट ऑफिस का मतलब था एक पुरानी लाल रंग की बिल्डिंग, उसके बाहर लगा हुआ पोस्ट बॉक्स और अंदर काउंटर पर लंबी लाइन में इंतजार करते लोग। आधुनिकता के इस दौर में पोस्ट ऑफिस की भी शक्ल बदलने की तैयारी हो रही है। सिर्फ चिट्ठी, पार्सल और बैंकिंग ही नहीं, अब पोस्टऑफिस से आप मनपसंद स्टेशनरी भी खरीद सकेंगे।
गुजरात के अहमदाबाद में ऐसे पोस्ट शॉपी खोले गए हैं। विदेशों में तो काफी पहले से ही यह सुविधा लोगों को मिल रही है। पोस्ट ऑफिस वहां डिपार्टमेंटल स्टोर की तरह काम कर रहा है। रांची में भी यह प्रयोग होने जा रहा है। डोरंडा स्थित हेड पोस्ट ऑफिस (मेघदूत भवन) में जल्द ही पोस्ट शॉपी खुलेगा। इसके लिए दिल्ली प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद इस पर काम शुरू होगा। पोस्ट शॉपी को आकर्षक बनाया जाएगा। यहां तरह-तरह के स्टैंप, बर्थ-डे, वेलेंटाइंस डे, न्यू ईयर के कार्ड्स, खूबसूरत लिफाफे, पैकिंग मेटेरियल, रैपर, स्ट्रैपर आदि मिलेंगे। इतना ही नहीं, पोस्ट ऑफिस के शुभंकर (लोगो) के साथ टी शर्ट, कॉफी मग भी यहां मिलेंगे।
^हमारे पास बहुत सारी अच्छी-अच्छी चीजें हैं, लेकिन लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। हम उनका प्रचार-प्रसार भी नहीं कर पाते हैं। पोस्ट ऑफिस सेवा के साथ ही बिजनेस भी करने की सोच रहा है। इसे देखते हुए पोस्ट शॉपी के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। निदेशालय से अनुमति मिलते ही हम इस पर काम शुरू कर देंगे।’’ अनिलकुमार, पोस्ट मास्टर जनरल, झारखंड सर्किल
पोस्ट शॉपी को पीपीपी मोड पर चलाने पर विचार हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्ट ऑफिस में पहले से ही काम का बोझ ज्यादा है और कर्मचारी कम। ऐसे में अगर किसी बाहरी कंपनी को इसका दायित्व दिया जाए, तो वे सामान की बिक्री के साथ ही उसका प्रचार-प्रसार भी खुद ही करेगी।