अनाथालय में यौन शोषण
मां-बापके बगैर जिंदगी गुजारने के लिए मजबूर गरीब-अनाथ बच्चों का यौन शोषण हो रहा है। रांची के बोड़ेया और खूंटी के चमराटोली स्थित अनाथालय में बच्चियों के साथ यौन दुर्व्यवहार के रोंगटे खड़े करने वाला मामला सामना आया हैं। दुर्व्यवहार का आरोपी कोई और नहीं, अनाथालय के संस्थापक जेम्स पुन्नूस हैं। वैसे जेम्स पुन्नूस अपने आप को निर्दोष बता रहे हैं। मगर भुक्तभोगी प्रत्यक्षदर्शी आधा दर्जन से ज्यादा बच्चियों ने नाम छापने की शर्त पर दैनिक भास्कर को पूरी घटना बताई।
बच्चियों ने रोते हुए बताया कि हम जिसे डैडी(जेम्स पुन्नूस) बुलाते हैं, वह हमपर पर बुरी नजर रखता है। जो बच्ची डैडी की बात नहीं मानती है, उसके साथ वह जबरदस्ती करता है। मारपीट करता है। रात में अचानक कमरे में जाता है। जबरन शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाता है। जो लड़की उनकी बात नहीं मानती है, उसका खाना-पीना बंद कर देते हैं। कमरे से बाहर नहीं निकलने देते। डैडी अबतक कई बच्चियों के साथ शारीरिक संबंध बना चुके हैं। जिसमें से कई बच्चियां अनाथालय छोड़ कर चली गईं। अभी भी कई भुक्तभोगी बच्चियां बोड़ेया स्थित अनाथालय में हैं।
शिकायतकरने पर अनाथालय से निकाला
डैडीके व्यवहार से तंग आकर चमराटोली स्थित अनाथालय के कुछ लड़कों ने विरोध किया। बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) खूंटी में लिखित शिकायत की। मगर जेम्स पुन्नूस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टे शिकायत करने वाले अनाथ बच्चों को गंभीर सजा भुगतनी पड़ी। उन्हें अनाथालय से बाहर कर दिया गया।
वे बच्चे दो-तीन दिनों तक पेड़ के नीचे रहे। ईंटभट्ठा पर काम किया। गांव में खाना मांग कर खाते थे। अब वे बच्चे कहां हैं, किस हालत हैं, कोई नहीं जानता। यह सबकुछ जानते हुए भी बाल कल्याण समिति के पदाधिकारी और सदस्य खामोश बैठे रहे। कार्रवाई के नाम पर कागजी खानापूर्ति कर अपनी ड्यूटी पूरी कर ली।
किस्त- एक
ग्राम सभा में कार्रवाई का निर्णय
रातमें लड़कियों के साथ पकड़े जाने के बाद अगले दिन ग्राम सभा की बैठक हुई। जिसमें ग्रामीणों ने जेम्स पुन्नूस के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया। बैठक में कई बातें सामने आईं। ग्राम सभा की बैठक से संबंधित मेमोरेंडम में साफ शब्दों में लिखा हुआ है कि बेथेल मिशन संस्थान में लड़कियों के साथ गलत काम होता है। बच्चे-बच्चियों के साथ कुछ गलत व्यवहार किया जाता है। जिससे समाज को