तीन मंत्रियों पर हो चुकी है कार्रवाई
हेमंत सोरेन के अबतक के करीब डेढ़ साल के कार्यकाल में तीन मंत्रियों की गंभीर विवाद में आने के बाद छुट्टी हो चुकी है, जबकि दो बॉर्डर लाइन पर खड़े हैं। दोनों मंत्रियों हाजी हुसैन अंसारी और सुरेश पासवान से पुलिस को पूछताछ भी करनी पड़ी है। विवाद में आनेवाले इन मंत्रियों पर योगेंद्र साव के त्याग पत्र के बाद दबाव बढ़ा है। जिन तीन मंत्रियों की अब तक छुट्टी की जा चुकी है उनमें ददई दुबे, साइमन मरांडी और योगेंद्र साव शामिल हैं।
सुरेश पासवान : सुरेशपासवान पर रंजीत कोहली उर्फ रकीबुल हसन से गहरे ताल्लुकात रखने का आरोप लगा है। रंजीत ने पुलिस को यह बयान दिया है कि सुरेश ने उनके ही आवास पर आकर देवघर के एक जज से मिले थे।
हाजी हुसैन : हाजीहुसैन अंसारी पर भी रंजीत कोहली उर्फ रकीबुल से गहरे संबंध रखने का आरोप लगा है। वह रकीबुल के घर जाने और रकीबुल का उनके पास आने की बात स्वीकार चुके हैं। तारा शाहदेव ने कहा था कि जब शादी के बाद हाजी उनके आवास पर आए।
योगेंद्र साव : योगेंद्रसाव पर उग्रवादी संगठन टाइगर ग्रुप का गठन करने, उग्रवादी संगठन को हथियार और पैसे देने आदि का आरोप लगा। टाइगर ग्रुप के सरगना राजकुमार गुप्ता ने कोर्ट में 164 के बयान में साव पर कई गंभीर आरोप लगाए।
साइमन मरांडी : साइमनमरांडी ने पहले मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार पर गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद उन्होंने हेमंत सोरेन पर भी हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन कोकस में घिर गए हैं। उनके सलाहकार अब सरकार चला रहे हैं।
ददई दुबे : तत्कालीनग्रामीण विकास मंत्री ददई दुबे उर्फ चंद्रशेखर दुबे ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर ही भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप लगाया था। उन्होंने हेमंत सोरेन को अबतक का सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री बताया था।
मंत्रियों पर लगे आरोप