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सुचित्रा हत्याकांड की फिर हो सकती है जांच

7 वर्ष पहले
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कॉल डिटेल से हुए अहम खुलासे

हत्याके बाद सभी अपराधी पलामू भाग गए। लेकिन पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर सभी अपराधियों को दबोच लिया। यह भी खुलासा हुआ कि मेहता भी घटना की शाम धुर्वा इलाके में सुचित्रा की हत्या की योजना में शामिल था। उसने अपने स्वीकारोक्ति बयान में कहा है कि सुचित्रा के शव को एक घंटे तक डैम साइड में घुमाया। रात में उसके घर के पास शव फेंक दिया।

साजिश रच कराई थी हत्या

डॉ. मेहता ने अपने स्वीकारोक्ति बयान में कहा है कि 11 मई 2012 को सुचित्रा मिश्रा की हत्या की योजना उसने ही बनाई थी। पलामू के छह अपराधियों को पैसे देकर रांची बुलाया था। सुचित्रा को घटना की शाम सात बजे सर्कस देखने के बाद सुचित्रा को अकेले ही स्कूल के हॉस्टल में आने को कहा गया था। सुचित्रा ने अपने दोनों बेटों को स्कूल हॉस्टल भेज दिया और खुद अकेले ही निकल पड़ी। इस बीच मेहता अपनी सफारी कार में तथा उनके द्वारा बुलाये गए अपराधी मेहता की ही शेवरलेट कार से सुचित्रा का पीछा करने लगे। जैसे ही सुचित्रा अकेली मिली, कार में सवार अपराधियों ने उसे दबोच लिया और कार में ही गला दबाकर हत्या कर दी।

भास्कर संवाददाता. रांची

चुटिया के सामलौंग स्थित ऑक्सफोर्ड स्कूल की वार्डेन सुचित्रा मिश्रा हत्याकांड की जांच फिर से हो सकती है। उसके परिजनों ने न्यायालय में आवेदन देकर फिर से जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि पुलिस ने जांच में गंभीरता नहीं दिखाई। हत्या में शामिल सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन गिरफ्तारी के महज चार महीने बाद ही साक्ष्य के अभाव में सभी आरोपियों को जमानत पर छोड़ दिया गया। साक्ष्य एकत्रित करने तथा उसकी फॉरेंसिक जांच में भी दिलचस्पी नहीं दिखायी गई। पुलिस ने हत्या में शामिल डॉ. शशिभूषण प्रकाश मेहता की टाटा सफारी कार को जब्त किया था। उसकी फॉरेंसिक जांच नहीं करायी गई।

कार जब्ती के वक्त ही पुलिस ने कह दिया कि सामान्य दृष्टि में साक्ष्य नजर नहीं रहा है। जबकि स्वीकारोक्ति बयान में डॉ. मेहता ने कहा है कि घटना के दिन वह अपनी टाटा सफारी (जेएच 01वी-0007) पर धुर्वा इलाके में ही थे। पुलिस ने केस डायरी में इस का उल्लेख भी किया है। इसके बाद भी सफारी कार की फॉरेंसिक जांच नहीं की गई। साक्ष्य के अभाव में डॉ मेहता को भी जमानत मिल गई।