रांची. जिले के सभी हाई स्कूलों के प्राचार्यो के साथ जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) 18 मई को बैठक करेंगे। इसमें मैट्रिक परीक्षा 2013 के रिजल्ट की समीक्षा की जाएगी। जिन स्कूलों का रिजल्ट बहुत खराब हुआ है, उनके प्राचार्यो पर कार्रवाई भी हो सकती है। गौरतलब है कि गत वर्ष मैट्रिक के रिजल्ट में सुधार के लिए डीईओ कार्यालय ने स्कूलों में गुणात्मक सुधार के लिए एक वर्ष की कार्ययोजना तैयार की थी। जिसके तहत स्कूलों को बेहतर रिजल्ट देना था। ज्ञात हो कि इस बार रांची जिले के 10 हाई स्कूलों का रिजल्ट बहुत ही खराब आया है।
-पाठ्यक्रम विभाजित कर छात्रों को पढ़ना था।
-महीने के अंतिम सप्ताह में 45 मिनट की जांच परीक्षा लेनी थी।
-परीक्षा के बाद पैरेंट्स मीट कर उन्हें स्टूडेंट्स की उत्तरपुस्तिका की जानकारी देनी थी।
-परीक्षा में 40 प्रतिशत से कम अंक लाने वाले स्टूडेंट्स के लिए अलग से रिमेडियल क्लास शुरू करना था।
-गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषय पर ज्यादा ध्यान देना था।
-विज्ञान प्रयोगशाला बेहतर बनाना था और प्रत्येक शनिवार को प्रायोगिक कक्षा लेनी थी।
इन स्कूलों में लागू किया गया है क्वालिटी एजुकेशन
राजकीय स्कूल 6
राजकीयकृत स्कूल 51
प्रोजेक्ट स्कूल 16
अल्पसंख्यक स्कूल 28
उत्क्रमित हाई स्कूल 59
कस्तूरबा विद्यालय 13
पिछले वर्ष की तुलना में रिजल्ट सुधरा
मैट्रिक परीक्षा 2013 में रांची जिले के रिजल्ट में सुधार आया है। लेकिन कुछ स्कूलों के खराब प्रदर्शन के कारण गत वर्ष की तुलना में रांची राज्य में एक स्थान ही ऊपर बढ़ सका। गत वर्ष रांची सातवें स्थान पर था इस वर्ष 24 जिलों में रांची का स्थान छठा गया है।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं
इस क्वालिटी एजुकेशन योजना को सही तरीके से लागू करते हुए बेहतर रिजल्ट के लिए गत वर्ष प्राचार्यो के लिए कार्यशाला आयोजित की गई थी। इस वर्ष कई स्कूलों के मैट्रिक के रिजल्ट अच्छे नहीं हुए हैं। बैठक में इसकी भी समीक्षा की जाएगी। किसी भी कीमत पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महीप कुमार सिंह, डीईओ, रांची