रांची। शिक्षा विभाग की ओर से 300 हाई स्कूलों में बायोमीट्रिक सिस्टम लगाया जाना है। इसके लिए स्कूलों का चयन भी कर लिया गया है। लेकिन विभाग ने यह पता ही नहीं लगाया कि स्कूलों में बिजली का कनेक्शन है या नहीं। कंप्यूटर उपलब्ध है या नहीं। अब माध्यमिक शिक्षा निदेशालय सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को चयनित हाई स्कूलों की सूची भेज रहा है। इसमें स्कूल के संबंध में जानकारी मांगी जा रही है। निदेशालय ने चयनित स्कूल में डेस्कटॉप है या नहीं, बिजली का कनेक्शन है या नहीं, ब्रॉड बैंड है या नहीं,
मोबाइल सिग्नल प्रोवाइडर कौन है, आदि की जानकारी मांगी है।
रांची के अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव जिला स्कूल, राजकीय बालिका विद्यालय बरियातू और राजकीय हाई स्कूल कांके सहित राज्य के अन्य हाई स्कूलों को लाखों रुपए के कंप्यूटर कुछ वर्ष पूर्व दिए गए थे। लेकिन वो आज रखरखाव के अभाव में बेकार हो गए हैं। ऐसे में सवाल ये उठता है कि जब लाखों रुपए के कंप्यूटर रखरखाव के अभाव में खराब हो
सकते हैं तो ये बायोमीट्रिक सिस्टम कितने दिन चलेंगे।
शिक्षकों की उपस्थिति के लिए लगना है सिस्टम
हाई स्कूलों में बायोमीट्रिक सिस्टम से सिर्फ शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज होगी। इसके लिए प्रथम चरण में कुल 300 हाई स्कूल विभिन्न जिलों से चयनित किए गए हैं। इसमें रांची जिले के भी 54 स्कूल हैं। चार राजकीय हाई स्कूल भी शामिल हैं। विभाग सिस्टम इसलिए लगा रहा है ताकि शिक्षक स्कूल में समय से आते हैं या नहीं, इसका पता लगाया जा सके।
एक सिस्टम पर 13 हजार का खर्च
एक बॉयोमेट्रिक सिस्टम लगाने पर करीब 13 हजार रुपए का खर्च आता है। ऐसे में 300 स्कूलों में बॉयोमेट्रिक सिस्टम लगाने पर करीब 39 लाख रुपए का अनुमानित खर्च आएगा।
मांगी गई है जानकारी
'राज्य के 300 हाई स्कूल में पहले चरण में बायोमीट्रिक सिस्टम लगाना है। इसके लिए स्कूलों से बिजली, कंप्यूटर और ब्रांड बैंड की स्थिति की जानकारी मांगी गई है। जिन स्कूलों में सुविधा नहीं होगी, वहां इनकी व्यवस्था की जाएगी।' -जेपी लकड़ा, निदेशक माध्यमिक