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बीआईटी के 13 टॉपरों को आज मिलेगा गोल्ड, 2546 स्टूडेंट्स को दी जाएगी डिग्री

7 वर्ष पहले
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रांची. बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी), मेसरा के पास आउट स्टूडेंट्स के चेहरे गुरुवार को खिले-खिले रहे। उसकी वजह है, शुक्रवार को होने जा रहा संस्थान का 25वां दीक्षांत समारोह। इस दिन इनकी प्रतिभा और परिश्रम को सम्मानित किया जाएगा। इनमें 13 स्टूडेंट गोल्ड मेडल से नवाजे जाएंगे। वहीं 2546 स्टूडेंट को डिग्री दी जाएगी। इसमें 1465 अंडर ग्रेजुएट डिग्री, 896 पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री, 39 पीएचडी और 146 डिप्लोमा के सर्टिफिकेट शामिल हैं।
समारोह के चीफ गेस्ट साइंटिस्ट पद्मश्री प्रो. माधवन चंद्र दत्तन होंगे। प्रो. माधवन बीआईटी मेसरा के स्पेस एंड रॉकेट्री डिपार्टमेंट में 1986 बैच के छात्र भी रह चुके हैं। अध्यक्षता राज्यपाल सह कुलाधिपति डॉ. सैयद अहमद करेंगे। वीसी डॉ. मनोज कुमार मिश्र बीआईटी की उपलब्धियों पर प्रकाश डालेंगे। डिप्टी रजिस्ट्रार एसएस अख्तर ने बताया कि तैयारी पूरी कर ली गई है।
प्रशासनिक व्यवस्था ऐसी है बीआईटी की
एडमिस्ट्रिेटिव काउंसिल की देखरेख में संस्थान नियंत्रित और संचालित है। इस परिषद में मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, राज्य सरकार समेत अन्य शिक्षाविद इसमें शामिल हैं। गंगा प्रसाद बिड़ला इस परिषद के अध्यक्ष हैं। झारखंड के राज्यपाल संस्थान के कुलाधिपति हैं। तकनीकी परिषद संस्थान की शैक्षणिक नीति तय करती है।
इन्हें मिलेगा गोल्ड मेडल
रूही रंजन - बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर
तनय ठाकुर - बॉयोटेक्नोलॉजी
प्रतीक कुमार - सिविल
अनुश्री - कंप्यूटर साइंस
अशराम जमील - इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स
आकांक्षा ग्रोवर - इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन
सपना कुमारी - इन्फॉरमेशन टेक्नोलॉजी
आशीष गुप्ता - मेकेनिकल
संगीता कुमारी - केमिकल एंड पोलीमीर
आशीष रंजन - प्रोडक्शन
तृप्ता कुमारी - बैचलर ऑफ फार्मेसी
ज्योति कुमारी - बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट
राहुल गौर - बैचलर ऑफ साइंस
राज्यपाल से मिले वीसी
बीआईटी मेसरा के वीसी डॉ. मनोज कुमार मिश्र गुरुवार को राज्यपाल डॉ. सैयद अहमद से मिले। उनसे 12 दिसंबर के दीक्षांत समारोह में शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने राज्यपाल को संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों की भी जानकारी दी।
यूपीएससी में 7 पास
बीआईटी मेसरा के सात स्टूडेंट्स यूपीएससी में सफल हुए थे। डिप्टी रजिस्ट्रार एसएस अख्तर ने बताया इसमें तीन स्टूडेंट्स की रैंकिंग टॉप 100 में थी।
टॉप तकनीकी संस्थानों में एक
बिड़ला प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना साल 1955 में उद्योगपति ब्रजमोहन बिड़ला ने की थी। प्रारंभिक वर्षों में संस्थान पटना विश्वविद्यालय से संबद्ध था। वर्ष 1960 में रांची विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद इससे संबद्ध हुआ। वर्ष 1986 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने संस्थान को डीम्ड विश्वविद्यालय घोषित किया। संस्थान स्थापना काल से ही तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अलग पहचान बनाने में सफल रहा है। मेसरा स्थित मुख्य परिसर के अलावा लालपुर रांची, इलाहाबाद, कोलकाता, नोएडा, जयपुर, चेन्नई, पटना और देवघर में भी बीआईटी की शाखा है। इसके अतिरिक्त बहरीन, मस्कट, संयुक्त अरब अमीरात और मॉरीशस में बीआईटी के अंतरराष्ट्रीय केंद्र हैं। जून 2005 में जाने माने मीडिया हाउस द्वारा सर्वे में इसे देश के 10 श्रेष्ठ तकनीकी संस्थानों में शुमार किया गया था। इसके बाद हुए सर्वेक्षण में रैंक में लगातार सुधार होता गया।
लाइब्रेरी में एक लाख किताबें
रांची से 16 किमी दूर जुमार और स्वर्णरेखा नदियों के संगम पर मेसरा गांव के सुरम्य वातावरण में बीआईटी का मुख्य परिसर 780 एकड़ में फैला हुआ है। इसमें स्नातक और स्नातकोत्तर स्टूडेंट्स व फैकल्टी और स्टाफ के सदस्यों को आवास उपलब्ध है। यहां अनुसंधान प्रयोगशालाएं, व्याख्यान कक्ष, खेल के मैदान, व्यायामशाला और एक केंद्रीय पुस्तकालय है। लाइब्रेरी में एक लाख से अधिक पुस्तकें और इलेक्ट्रॉनिक डेटाबेस है।
संस्थान के ये हैं डिपार्टमेंट
अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी
व्यावहारिक यांत्रिकी विभाग
सिविल अभियांत्रिकी विभाग
संगणक एवं अभियांत्रिकी विभाग
विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिकी अभियांत्रिकी विभाग
इलेक्ट्रॉनिकी एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग
पर्यावरण विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग
यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग
बहुलक अभियांत्रिकी विभाग
उत्पादन अभियांत्रिकी विभाग
सुदूर संवेदन विभाग
अंतरिक्ष अभियांत्रिकी एवं रॉकेट विज्ञान विभाग
अनुप्रयुक्त विज्ञान
अनुप्रयुक्त रसायनशास्त्र विभाग
अनुप्रयुक्त गणित विभाग
अनुप्रयुक्त भौतिकी विभाग
जैव चिकित्सा यंत्रीकरण विभाग
सूचना विज्ञान विभाग
फार्मेसी विज्ञान विभाग
जैव प्रौद्योगिकी विभाग
वास्तुकला विभाग
प्रबंधन विभाग
होटल प्रबंधन एवं खानपान प्रौद्योगिकी विभाग
संस्थान ने वैश्विक पहचान बनाई
संस्थान वैश्विक पहचान बनाने में सफल रहा है। देश-विदेश के जानेमाने संस्थानों के प्रमुख पदों पर यहां के स्टूडेंट्स कार्यरत हैं। इसमें स्टूडेंट्स, फैकल्टी और स्टाफ का सराहनीय योगदान है। 25वें दीक्षांत समारोह की तैयारी पूरी कर ली गई है।'' डॉ. मनोज कुमार मिश्र, वीसी, बीआईटी