रांची. पानी की चोरी रोकने के लिए जलापूर्ति के समय बिजली काटने के जिला प्रशासन के फरमान को मानने से राज्य बिजली बोर्ड ने साफ इनकार कर दिया है। बोर्ड के चेयरमैन एसएन वर्मा ने सोमवार को बिजली अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जलापूर्ति के समय निर्बाध रूप से बिजली की आपूर्ति करें।
पानी की चोरी रोकने के लिए अन्य कदम उठाए जा सकते हैं। इसे लेकर सुबह-सुबह बिजली नहीं काटी जा सकती। बोर्ड के इस फैसले से राजधानी की बड़ी आबादी को राहत मिली है। क्योंकि उन्हें सुबह-सुबह बिजली गुल होने से अपनी नींद खराब करनी पड़ती थी। या फिर महिलाओं को बच्चों को स्कूल भेजने के समय ही बिजली गुल होने की परेशानी से जूझना पड़ता था।
अध्यक्ष का आदेश, अधिकारी निर्बाध रूप से करें बिजली की आपूर्ति
सुबह कट जाती थी बिजली
राजधानी के ज्यादातर हिस्सों में सुबह में पानी की आपूर्ति होती है। इस दौरान संबंधित इलाके की बिजली काट दी जाती थी। तर्क यह था कि बिजली रहने से लोग मोटर चलाकर पानी की चोरी करते हैं। जिस पाइप से टंकी में पानी भेजा जाता है, लोगों ने उससे कनेक्शन ले रखा है और मोटर लगाकर इससे पानी खींच लेते हैं।
इसके कारण टंकी में पानी की पूरी मात्रा नहीं जा पाती। इसी प्रकार टंकी से पानी छोड़े जाने के समय भी जिनके घरों में मोटर है, वे गलत तरीके से पानी खींच लेते हैं। इससे ऊंचाई वाले आवासों में पानी नहीं पहुंच पाता है। जलापूर्ति के समय बिजली काटे जाने के तुगलकी फरमान से लोगों को दोहरी समस्या हो गई थी। पेयजल आपूर्ति विभाग की गड़बड़ियों के कारण लोगों को पानी भी नहीं मिल रहा था और बिजली विभाग भी उनके आग्रह पर बिजली काट दे रहा था।
आठ लाख घरों में होती है जलापूर्ति
रुक्का, हटिया व गोंदा डैम से रांची के लगभग आठ लाख घरों में पानी की आपूर्ति की जाती है। जबकि नगर निगम में निबंधित कनेक्शन केवल 27 हजार हैं। पेयजल विभाग का कहना है कि वह निबंधित कनेक्शन के हिसाब से पर्याप्त पानी देता है। लेकिन पानी की चोरी के कारण जल संकट की स्थिति उत्पन्न होती है। यदि मोटर से पानी नहीं खींचा जाए, तो सभी को जरूरत भर पानी मिल जाएगा। इसीलिए आपूर्ति के समय बिजली काटी जाती है।
सुबह 6 से 8 बंदी तक का ऑर्डर
डीसी ने बीते सात मई को आदेश जारी कर कहा था कि जलापूर्ति के समय मोटर पंप कर पानी का अत्यधिक दोहन किया जाता है। अवैध वाटर कनेक्शन के कारण भी समस्या पैदा हो रही है। इसलिए पहले की तरह शहर के विभिन्न इलाकों में जलापूर्ति के समय सुबह छह बजे से आठ बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रखी जाएगी। उन्होंने नगर निगम क्षेत्र में अवैध मोटर संचालन कर पानी खींचने पर बैन लगाने के लिए 13 मई से जांच दल गठित कर कड़ी कार्रवाई का निर्देश भी दिया था।
कल लेंगे निर्णय
मुझे इसकी सूचना नहीं है। अगर, ऐसी बात है तो पता लगाते हैं। वैसे भी इस मामले पर 15 मई को समीक्षा बैठक बुलाई है। बैठक में ही आगे के निर्णय पर विचार किया जाएगा।’’ वीके चौबे, डीसी, रांची