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दलाल ही जुटाते हैं कागजात, देनी पड़ती है मोटी रकम

6 वर्ष पहले
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रांची. शहर अंचल में विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र बनवाने वाले दलाल सक्रिय हैं। लोग उनकी बातों में आकर ठगे जा रहे हैं। इसका खुलासा शनिवार को तब हुआ, जब कोकर में रहने वाला अनिल कुमार अपना आवासीय प्रमाण पत्र लेने के लिए अंचल कार्यालय पहुंचा।
अनिल ने आवासीय प्रमाण पत्र के लिए दिए गए अपने आवेदन के बारे में पूछताछ की। इस दौरान पता चला कि आवेदन के साथ उसने जो कागजात लगाए हैं, वे फर्जी हैं। उसका आवेदन रद्द किया जा चुका है। फिर शहर अंचल के सीओ प्रवीण प्रकाश ने उससे पूछताछ की, तो उसने बताया कि एक दलाल ने उससे आवासीय प्रमाण पत्र बनवा देने के नाम पर दो हजार रुपए लिए थे। उसका आवेदन और उसमें लगे कागजात भी दलाल ने ही लगाए हैं। उसे दलाल का नाम मालूम नहीं। वह उसे सिन्हा के नाम से जानता है।
अनिल ने सीओ को बताया कि दलाल का फोन नंबर उसके पास है। इस पर सीओ ने कहा कि उसे बुलाओ। अनिल ने दलाल के फोन पर दो बार कॉल किया, लेकिन वह वहां नहीं आया। अनिल ने बताया कि वह कोकर में रहता है। चुटिया में उसका पुश्तैनी घर है। सीओ ने उसे जमकर फटकारा।
चेतावनी भी दी कि अगर ऐसे ही करते रहोगे, तो करियर बर्बाद हो जाएगा।
मालूम हो कि कलेक्ट्रेट में कई दलाल घूमते रहते हैं। वे यहां आवासीय समेत अन्य प्रकार के प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पहुंचे छात्र-छात्राओं को फंसाकर पैसे ठगते हैं। ऐस कई मामले पहले भी सामने आए हैं लेकिन प्रशासन ने इनपर लगाम लगाने की कोई व्यवस्था नहीं की है।
यह गंभीर धोखाधड़ी का मामला है : सीओ
सीओ प्रवीण प्रकाश ने बताया कि आवेदक के पास जमीन का खतियान नहीं है। कर्मचारी की अनुशंसा रिपोर्ट भी फर्जी है। यह मामला धोखाधड़ी का है। ऐसे कई आवेदक दलालों के चंगुल में फंसकर यहां आ रहे हैं। यह गंभीर मामला है। अगर, ठीक तरह से जांच नहीं की गई, तो फर्जीवाड़े का खुलासा नहीं होगा।