विश्रामपुर (पलामू). नावाडीह कला गांव में रविवार सुबह 9:50 बजे एक यात्री बस पर 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार गिर गया। इससे बस में आग लग गई। हादसे में पांच यात्री जिंदा जल गए। 15 यात्री गंभीर रूप से झुलस गए। मृतकों में मां-बेटा व तीन अन्य यात्री शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है।
स्थानीय बस एजेंट के अनुसार बदन बस (बीआर 26 जी 0614) रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से सासाराम (बिहार) जा रही थी। इसमें लगभग 50 यात्री सवार थे।
बाइक की हैंडल में फंसा तार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस की छत पर लदी चौकी के ऊपर मोटरसाइकिल रखी थी। विश्रामपुर से औरंगाबाद एनएच पथ को जोड़ने वाली पक्की सड़क पर 11 हजार वोल्ट का तार लंबे समय से काफी नीचे लटक रहा था। तभी मोटरसाइकिल की हैंडल तार में फंस गई। इससे तार टूट कर बस पर गिर गया। इससे पूरे बस में हाई वोल्टेज करंट प्रवाहित हो गया। साथ ही बस के ऊपर रखे सोफा व अन्य सामान में आग लग गई। देखते ही देखते पूरी बस से आग की
लपटें उठने लगीं।
बिजली वितरण विभाग के एमडी केके वर्मा ने कहा है कि यात्रियों की मौत करंट लगने से नहीं बल्कि बस में आग लगने से हुई है।
इनकी हुई मौत
रामअवतार दास (45 वर्ष)
राजकुमार (19 वर्ष)
मुन्नी देवी (26 वर्ष)
अर्जुन (3 वर्ष)
मो. जसीम अंसारी (35 वर्ष)
ये हैं घायल
देवरनिया देवी (45), {विजय प्रसाद
सोनी (50) {सुबोध कुमार चौधरी(24)
सोनू कुमार (24) {अजय कुमार (30 वर्ष) {सुरेश राम (50 वर्ष) {आशा देवी (45 वर्ष){कांति देवी (46 वर्ष)
विकास कुमार (22 वर्ष)
पंकज कुमार (20 वर्ष)
निकू {सीमा देवी {कृष्णा दास { गीता देवी,
अजय राम
ये सभी घायल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हैं।
लाइन काटने में देरी
बस को उसी हालत में छोड़कर बस के चालक, कंडक्टर व खलासी निकल भागे। सूचना के बावजूद विद्युत विभाग से लाइन काटने में हुई देरी से बड़ी घटना घटी। विभाग ने आधे घंटे के बाद कनेक्शन काटा। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर दी और मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की।
तीन घंटे बाद आए अधिकारी
हादसे के तीन घंटे तक भी प्रशासन का कोई पदाधिकारी व कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद सदर एसडीओ सुरेंद्र कुमार वर्मा व डीएसपी अजय कुमार स्थिति का जायजा लेने पहुंचे। मुआवजे की मांग पर लोगों ने हंगामा िकया।
ड्राइवर, मालिक पर मुकदमा दर्ज
विश्रामपुर थाना में बदन बस के मालिक, चालक पर दुर्घटना का मुकदमा दर्ज हुआ है। साथ ही थाना प्रभारी ब्यास राम ने विद्युत विभाग के विरुद्ध लापरवाही के कारण दुर्घटना होने की प्राथमिकी दर्ज की है।
मृतकों के परिजन को दो लाख का मुआवजा
ऊर्जा मंत्री राजेंद्र सिंह ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को दो लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही घायलों का इलाज कराने का निर्देश भी प्रशासन को दिया है।
अगस्त में भी हुई थी ऐसी घटना, झारखंड के चार लोगों की हुई थी मौत
पिछले महीने बिहार के साहेबगंज में भी ऐसी ही घटना घटी थी। चास (बोकारो) से सुल्तानगंज जा रही कांवरियों से भरी बस हाईटेंशन तार की चपेट में आ गई थी। इस घटना में चार कांवरियों की मौत हो गई थी। वहीं 12 लोग बुरी तरह झुलस गए थे। बताया गया था कि घटनास्थल पर बिजली का तार काफी नीचे था, इसीलिए ऐसी घटना हुई थी। इसके बाद भी सड़क पर नीचे लटके तारों को व्यवस्थित करने में विभाग ने पहल नहीं की थी।
आगे की स्लाइड्स में देखिए घटना स्थल की तस्वीरें।