पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

मेडिकल सीटों में नामांकन मामला, सीबीएसई से मांगा जवाब

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रांची. प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में आरक्षित सीटों पर नामांकन के संबंध में झारखंड हाईकोर्ट ने सीबीएसई को पार्टी बनाते हुए उसे जवाब दाखिल करने को कहा है। नामांकन में चयन प्रक्रिया पर बहस के दौरान परसेंटेज और परसेंटाइल शब्द पर विवाद होने पर कोर्ट ने सीबीएसई को पार्टी बनाते हुए उसे जवाब देने का निर्देश दिया तथा सुनवाई के लिए दस अक्टूबर की तिथि निर्धारित की।
निहारिका तिर्की व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए एक्टिंग चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने यह आदेश दिए। प्रार्थी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि एमसीआई के नियमों के अनुसार वे नामांकन के लिए योग्य हैं। इसलिए नामांकन लेने का आदेश पारित किया जाए। जबकि एमसीआई की ओर से बताया गया कि मेडिकल कॉलेजों में एसटी कोटे के छात्र-छात्राओं के लिए 40 परसेंट अंक के नियम बनाए गए हैं। इसके अनुसार ही नामांकन हो सकता है। राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि मेडिकल कॉलेजों में नामांकन के लिए परीक्षा सीबीएसई लेती है।
नियम एमसीआई बनाता है। सरकार चाहती है कि मेडिकल कालेजों में सीटें रिक्त नहीं रहे इसलिए चयन प्रक्रिया को शिथिल किया जाए। इसके लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा गया है।
प्रेम कटारुका ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका
राज्य के मेडिकल कॉलेजों की आरक्षित सीटों पर नामांकन के लिए प्रेम कटारुका ने एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की है। कटारुका ने बताया कि उनकी मांग है कि मेडिकल कॉलेजों में कोई भी सीट खाली नहीं रहे। आरक्षित कोटे के छात्र अगर नहीं मिलते हैं तो इसे अन्य वर्ग के छात्रों से भरा जाए। इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट में भी एक जनहित याचिका दायर की गई थी, परंतु इसकी सुनवाई की अगली तिथि अक्टूबर में है। तब तक नामांकन का समय बीत जाएगा।
मां-बेटे को मिली सजा
धोखाधड़ी के आरोपी अनिता सिन्हा और विकास कुमार को अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी आरके मिश्रा की अदालत में दोषी पाकर ढाई साल की सजा सुनाई है। ये दोनों मां-बेटा धोखाधड़ी से जुड़े चार मामलों में जून 2012 से जेल में हैं। शुक्रवार को अदालत ने लीला झा और रूपेण क्षेत्री द्वारा दर्ज कराए गए मामलों में सजा सुनाई। आरोप है कि मां-बेटा ने मिलकर फ्लैट का कीमत वसूल कर लिया। जबकि हैंडओवर नहीं किया।
हाईकोर्ट में छुट्टी छह को
झारखंड हाईकोर्ट में अब छह अक्टूबर को भी छुट्टी रहेगी। यह निर्णय शुक्रवार को फुलकोर्ट की बैठक में लिया गया। पूजा के बाद छह अक्टूबर से ही कोर्ट खुल रहा था, बार एसोसिएशन के आग्रह पर छह को भी अवकाश का निर्णय लिया गया।
सुनवाई सात को
दुष्कर्म की शिकार सुषमा बड़ाईक के मामले की जल्द सुनवाई और सुरक्षा के समुचित उपाय करने के संबंध में दायर याचिका पर सात अक्टूबर को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।