रांची. प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने हाल में विदेशी मीडिया को दिए इंटरव्यू में देश के मुसलमानों की तारीफ की थी। कहा था, उनकी देशभक्ति पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। अगर किसी (अल कायदा) को लगता है कि भारतीय मुस्लिम उनके इशारों पर नाचेंगे, तो वे मुगालते में हैं। भारतीय मुस्लिम भारत के लिए जिएंगे और मरेंगे। वे कभी भारत का बुरा नहीं चाहेंगे।इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देश समेत विश्व भर में सामने आ रही हैं। राजनीतिक हलके में इसे एक सियासी दांव भी बताया गया है।
वहीं, आम नागरिकों के बीच मोदी की लोकप्रियता में इजाफा ही हुआ है। दरअसल, यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रधानमंत्री अमेरिका की यात्रा पर जानेवाले हैं। इससे पहले भाजपा व विश्व हिंदू परिषद् के सांसदों व नेताओं ने मुसलमानों की देशभक्ति पर सवाल उठाए थे। दैनिक भास्कर कार्यालय में मंगलवार को इसी मुद्दे पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। इसका विषय था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का मतलब। इसमें मुस्लिम समाज के उलेमा, बुद्धिजीवी और समाजसेवियों ने बेबाकी से अपनी बात रखी।
मिश्रित प्रतिक्रिया आई
भास्कर टॉक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान को कुछ लोगों ने ऐतिहासिक बताया। उनका कहना था कि पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने ऐसा बेबाक बयान दिया है। हालांकि, मुसलमानों को देशभक्ति के लिए किसी के प्रमाण की जरूरत नहीं है, क्योंकि, वतनपरस्ती भी ईमान का हिस्सा है। वहीं, कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक स्टंट बताया। उनका कहना था कि मोदी तब क्यों चुप रहे, जब डॉ. प्रवीण तोगड़िया, योगी आदित्यनाथ और साक्षी महाराज जैसे लोगों ने विवादित बयान दिया।