कांके. बेथल मिशन के डायरेक्टर द्वारा वहां की छात्राओं के साथ यौन शोषण करने और संदिग्ध मौतों की खबर भास्कर में छपने के बाद बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष रूप लक्ष्मी मुंडा, सदस्य डाॅ. सुनीता कात्यायन व वरिष्ठ सलाहकार दिव्या ज्योति तिग्गा ने सोमवार को आरोपी डायरेक्टर जेम्स पुन्नूस से पूछताछ की। रूप लक्ष्मी मुंडा ने बताया कि वह सरकार को अपनी रिर्पोट सौंपेंगी। डीआईजी से भी बात करेंगी।
सदस्य डाॅ. सुनीता ने बताया कि बिना चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की लिखित अनुमति के छात्राओं को रांची से बाहर ले जाया गया। टीम ने जब संदिग्ध मौतों के संबंध में जानकारी मांगी, तो बताया गया कि मिशन में जिन छात्र-छात्राओं की मौत हुई है, उनमें से किसी का डेथ सर्टिफिकेट नहीं है। इस पर डायरेक्टर जेम्स ने सफाई दी कि सेरेब्रल मलेरिया से पीड़ित दो छात्र की मौत हॉस्पिटल में हुई थी। लेकिन वहां से डेथ सर्टिफिकेट नहीं दिया गया।
सुविधाओं से टीम असंतुष्ट
बेथल मिशन अरसंडे-बोड़ेया में 200 से अधिक छात्र-छात्राएं रहते हैं। लेकिन अनाथालय के नाम से संचालित मिशन में मात्र 40 ही अनाथ बच्चे हैं। संस्थान का संचालन 1994 से हो रहा है। दरअसल मिशन प्रबंधन यहां बच्चों की संख्या अधिक बता कर विदेश से फंड प्राप्त करता है। जांच टीम वहां रहने के कमरे, खाने की व्यवस्था और छात्र-छात्राओं को दिए जा रहे कपड़े सहित अन्य सुविधाओं के बारे में पूरी जानकारी ली। साफ-सफाई पर सवाल उठाया। टीम अन्य सुविधाओं से भी संतुष्ट नहीं दिखी।
प्रशिक्षित छात्राओं का पता नहीं
बेथल मिशन की ओर से विशाखापट्टनम के मनीषा काॅलेज आॅफ नर्सिंग भेज कर 14 छात्राओं को नर्सिंग की ट्रेनिंग दिलवाई गई थी। लेकिन वे अभी कहा हैं और क्या कर रही हैं इसकी कोई जानकारी मिशन के पास नहीं है। डायरेक्टर ने स्वयं इस बात को टीम के समक्ष स्वीकार किया कि वे उनके संपर्क में नहीं हैं। रूप लक्ष्मी मुंडा ने सवाल खड़ा किया कि जब राज्य में ही कई नर्सिंग की ट्रेनिंग देने वाली संस्थाएं हैं तो आखिरकार किन परिस्थितियों में छात्राओं को विशाखापट्टनम भेजा गया। इस पर डायरेक्टर ने सिर्फ इतना कहा कि राज्य में एडमिशन नहीं मिल पा रहा था।
कार्रवाई की मांग: द पावर आॅफ यूथ के अध्यक्ष कमलकांत दुबे व पिंटू तिवारी ने आयोग की टीम से मिलकर गड़बड़ियों से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए। साथ ही अविलंब डायरेक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कहा कि बिना परमिशन के संचालित इस मिशन पर कार्रवाई होनी चाहिए।
(फोटो- बेथल मिशन पहुंची आयोग की टीम डायरेक्टर से पूछताछ करती।)