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डाउनलोड करेंरांची. सड़क हादसे में घायल लोगों को अब तत्काल चिकित्सा सुविधा मुहैया हो सकेगी। इसके लिए शहर में 'गोल्डन ऑवर सिस्टम एक फरवरी से लागू होगा।100 नंबर डायल करते ही कंट्रोल रूम में तैनात एम्बुलेंस मौके पर पहुंचेगी और घायल को अस्पताल पहुंचाएंगी। ट्रैफिक एसपी राजीव रंजन सिंह की पहल पर प्रमुख अस्पतालों के साथ पुलिस की शुक्रवार को हुई बैठक में इसकी घोषणा की गई।इसमें शहर के प्रमुख 25 निजी और सरकारी अस्पतालों चयनित भी कर लिया गया।
अस्पताल प्रबंधकों ने फस्र्ट एड सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध कराने की भी बात कही। बैठक में यह भी निर्णय हुआ कि सड़क हादसों में घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले राहगीरों को पुलिस परेशान नहीं करेगी। बल्कि, ऐसे राहगीरो और उपचार करने वाले अस्पताल प्रबंधकों को भी सम्मानित किया जाएगा।
क्या है गोल्डन ऑवर
योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क हादसे में घायलों को अति शीघ्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।कई राज्यों में यह योजना बेहद सफल रही है। टैफिक एसपी ने बताया कि गोल्डन ऑवर सिस्टम में शामिल 25 अस्पतालों के कार्यक्षेत्र भी बांट दिए गए हैं।इससे घायल को घटनास्थल के एक किलोमीटर दायरे में चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
ये अस्पताल हुए चिह्नित
राज हॉस्पिटल, नागरमल मोदी सेवा सदन, अपोलो, रामप्यारी हॉस्पिटल, अंजुमन हॉस्पिटल, राज ट्रस्ट हॉस्पिटल टुपुदाना, हरमू हॉस्पिटल, केसी राय, देवकमल अस्पताल, रानी चिल्ड्रेन, चौधरी नर्सिंग होम, मेडिकेयर हॉस्पिटल, आलम नर्सिंग होम, विनायका अस्पताल, ईएसआई हॉस्पिटल, रिंची हॉस्पिटल, गुरुनानक हॉस्पिटल, ऑर्किड हॉस्पिटल, सेंटेबीटा, लक्ष्मी नर्सिंग होम, संत वर्णवाल, सीसीएल हॉस्पिटल, गुलमोहर हॉस्पिटल बूटी मोड़, सदर अस्पताल, एचईसी हॉस्पिटल।
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