पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

दिल्ली दौड़े तो कटेगा टिकट, दावेदारों को क्षेत्र में ही रहने की दी हिदायत

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रांची. राज्य विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष भंवर जीतेंद्र सिंह ने पार्टी में टिकट के दावेदारों को स्पष्ट हिदायत दी है कि टिकट के लिए दिल्ली का चक्कर कतई न लगाएं। यदि ऐसा किए, तो उनका टिकट कट भी सकता है। इसलिए क्षेत्र में ही रहकर जनता की सेवा करें।
जीतेंद्र सिंह रविवार को होटल बीएनआर में कांग्रेसियों के साथ रायशुमारी के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। कहा कि पार्टी योग्य लोगों को ही टिकट देगी। 50 लोगों को साथ लेकर आने से टिकट नहीं मिलने वाला है। दावेदारों से कहा कि टिकट के लिए सिफारिश भी न कराएं। पैरवी कराने वालों को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि बैठक में आए सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं की बात सुनी गई है। फिर भी यदि कोई कार्यकर्ता उनसे मिलकर अपनी बात रखना चाहते हों, तो वह फिर झारखंड आएंगे। वह धनबाद, जमशेदपुर या अन्य प्रमंडलों में भी जा सकते हैं।
तय होंगे टिकट के मानक
जीतेंद्र सिंह ने कहा कि उम्मीदवारों को टिकट देने के लिए मानक तय किए जाएंगे। मसलन, जमानत जब्त हो चुके या बड़े अंतर से हारने वालों को टिकट दिया जाए या नहीं। इसके लिए स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से मानक तय किए जाएंगे। इसी के आधार पर उम्मीदवारों की सूची तय की जाएगी। जीत की संभावना वाले उम्मीदवारों को ही टिकट दिया जाएगा।
रायशुमारी में कांग्रेसजनों ने दिए कई सुझाव
सिंह ने कहा कि पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं से शनिवार को 14 घंटे व रविवार को 12 घंटे तक रायशुमारी हुई है। शनिवार को प्रखंड एवं जिलाध्यक्षों की बात सुनी गई। उन्होंने कई तरह के सुझाव दिए हैं। इसके बाद रविवार को प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों, सीनियर कांग्रेसियों, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, सेवा दल के पदाधिकारियों, सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, एआईसीसी के सदस्यों आदि से बात हुई है। सबने अपना-अपना सुझाव दिए हैं। एक-एक प्रखंड, जिला और विधानसभा के बारे में बातें हुई हैं। सबके सुझाव नोट कर लिए गए हैं। उनके सुझाव व विचारों का अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
500 कार्यकर्ताओं से मिले जीतेंद्र सिंह
स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष जीतेंद्र सिंह ने दो दिनों के मंथन के दौरान 500 से ज्यादा कांग्रेसियों से व्यक्तिगत रूप से बात की और उनका पक्ष सुना। यह पहला अवसर है जब कांग्रेस के किसी राष्ट्रीय स्तर के नेता ने एक-एक व्यक्ति से सीधी बात की।
निष्ठावान कार्यकर्ताओं को ही दिया जाए टिकट
प्रदेश कांग्रेस के महासचिव व एआईसीसी के सदस्य राजेश कुमार शुक्ला ने कमेटी के अध्यक्ष से अनुरोध किया कि पार्टी में व्यक्तिपरक राजनीति नहीं होनी चाहिए। चेहरा देखकर नहीं, बल्कि निष्ठावान कांग्रेसियों को टिकट दिया जाना चाहिए। इससे पार्टी को लाभ मिलेगा।
मजबूत सीटों पर कांग्रेस का दावा
स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष ने बताया कि रविवार को सीनियर कांग्रेसियों से बातचीत में ज्यादातर लोग गठबंधन के पक्ष में नहीं बोले। वैसे, कुछ लोगों ने गठबंधन के पक्ष में भी अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हर इकाई की रिपोर्ट मिली है। लोकसभा वाइज पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट भी मिली है। गोपनीय जानकारी भी ली जा रही है। कुल 15 से 16 रिपोर्टों को जोड़कर निर्णय लिया जाना है। इन सभी जानकारियों के आधार पर ही मजबूत उम्मीदवार देने का प्रयास किया जाएगा। मजबूत सीटों पर हर हाल में कांग्रेस का दावा रहेगा। रिपोर्ट हाईकमान को भी भेजी जाएगी।
होे गठबंधन : सुबोधकांत
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवारों के चयन के लिए बनी झारखंड कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी के चेयरमैन पूर्व केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह से होटल बीएनआर में मिल कर पूर्व सांसद सुबोध कांत सहाय ने प्रत्याशियों के चयन में सतर्कता बरतने और जीतने वाले उम्मीदवारों को ही प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने सिंह को राज्य की राजनीतिक स्थिति के संदर्भ में बताया। उन्होंने वर्तमान गठबंधन को जारी रखने और चुनाव लड़ने के मद्देनजर प्रत्याशियों का चयन आदि मुद्दों पर चर्चा की।
गठबंधन पर अलग राय
कांग्रेस विधायक चुनाव में भी दूसरे दलों के साथ गठबंधन के पक्ष में हैं। यह बात रायशुमारी में सामने आई। बैठक में विधायकों ने चुनाव में यूपीए की जीत के लिए गठबंधन को आवश्यक बताया। इसके विपरीत प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों व राज्य भर से आए नेताओं ने का कहना था कि गठबंधन से लोकसभा चुनाव में बड़ा नुकसान हो चुका है।
सबको एकमंच पर लाने की जरूरत
प्रदेश महासचिव सत्यनारायण सिंह ने स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष से कहा कि आपसी मतभेद खत्म होना चाहिए। अब शिकायतों का भी समय नहीं है। एकजुटता जरूरी है। पिछला लोकसभा चुनाव लड़े सभी नौ उम्मीदवारों, पीसीसी के वर्तमान एवं पूर्व अध्यक्षों, वर्तमान एवं पूर्व सीएलपी लीडर तथा युवा कांग्रेस, एनएसयूआई के पूर्व व वर्तमान अध्यक्षों को दिल्ली बुलाया जाए और स्क्रीनिंग कमेटी के सभी सदस्यों के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी व राहुल गांधी के साथ उनकी बैठक कराई जाए।
सबको एकमंच पर लाने की जरूरत
प्रदेश महासचिव सत्यनारायण सिंह ने स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष से कहा कि आपसी मतभेद खत्म होना चाहिए। अब शिकायतों का भी समय नहीं है। एकजुटता जरूरी है। पिछला लोकसभा चुनाव लड़े सभी नौ उम्मीदवारों, पीसीसी के वर्तमान एवं पूर्व अध्यक्षों, वर्तमान एवं पूर्व सीएलपी लीडर तथा युवा कांग्रेस, एनएसयूआई के पूर्व व वर्तमान अध्यक्षों को दिल्ली बुलाया जाए और स्क्रीनिंग कमेटी के सभी सदस्यों के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी व राहुल गांधी के साथ उनकी बैठक कराई जाए।.
खुलकर नहीं रख पाए बात
बैठक में सुखदेव भगत व राजेंद्र प्रसाद सिंह की मौजूदगी के कारण कई पदाधिकारी व वरिष्ठ नेता खुलकर अपनी बात नहीं रख पाए। हालांकि कुछ लोगों ने प्रदेश कांग्रेस की कार्यप्रणाली पर सवाल जरूर उठाए। कहा कि टिकट बंटवारे के समय प्रदेश नेतृत्व की मनमानी चलती है। अपने समर्थकों को टिकट दिलाया जाता है।
योगेंद्र ने भी रखा पक्ष
पूर्व मंत्री योगेंद्र साव भी जीतेंद्र सिंह से मिले। मौके पर सुबोधकांत सहाय ने कमेटी के अध्यक्ष से कहा कि इनके साथ अन्याय हुआ है। इनकी बात भी सुनी जाए। बाद में साव ने पूरी बात अध्यक्ष के सामने रखी। हालांकि माना जा रहा है कि योगेंद्र के मामले में पार्टी गंभीर है।