रांची। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम ने कहा कि राज्य में हेमंत सरकार एक प्रयोग था जो विफल रहा। कांग्रेस ने झारखंड विधानसभा चुनाव 2014 में झामुमो के साथ गठबंधन का प्रयास किया था लेकिन कुछ सीटों की वजह से यह गठबंधन टूट गया। इसके बाद कांग्रेस राजद एवं जदयू के साथ गठबंधन किया है। यह गठबंधन बेहतर प्रदर्शन करने जा रहा है। निरुपम शनिवार को कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि झारखंड में भाजपा की सरकार नहीं बनने जा रही है। जनता दल, जदयू एवं समाजवादी पार्टी के विलय के बारे में पूछे जाने पर कहा कि जनता दल परिवार का मिलन और बिखराब होता ही रहता है। इससे कांग्रेस को न तो कोई लाभ है और न ही कोई नुकसान। कांग्रेस अपने हिसाब से चलती रहती है।
मोदी के नाम पर मांग रहे वोट
संजय ने कहा कि झारखंड में भी महाराष्ट्र, हरियाणा और
जम्मू कश्मीर की तरह मोदी के नाम पर वोट मांगा जा रहा है। इसका मतलब साफ है। भाजपा के पास कोई चेहरा नहीं है। अगर भाजपा मोदी के नाम पर वोट मांग रही है तो मोदी के छह माह का हिसाब देखना चाहिए। पीएम बनने के पहले उन्होंने काला धन वापसी एवं पाकिस्तान को उसकी ही भाषा में जवाब देने, महिला सुरक्षा, महंगाई पर नियंत्रण आदि की बात कही थी लेकिन वह हर मोर्चे पर विफल रहे हैं। न तो काला धन वापस आया और न ही पाकिस्तान पर नियंत्रण हो पाया।
धर्मांतरण पर अलग कानून की जरूरत नहीं
निरुपम ने कहा कि लोभ देकर या जबरन धर्मांतरण कराना गलत है और संविधान के अनुसार कानून बना हुआ है। इसके लिए अलग से कानून बनाने की जरूरत नहीं है। अगर भाजपा संविधान में संशोधन करना चाहती है तो वह इसके लिए विधेयक लेकर संसद में आए। उन्हाेंने कहा कि भारत में सभी धर्मों को मानने की आजादी है किसी पर कोई धर्म थोपा नहीं जा सकता। निरुपम ने कहा कि लोभ देकर या जबरन धर्मांतरण कराना गलत है और संविधान के अनुसार कानून बना हुआ है। इसके लिए अलग से कानून बनाने की जरूरत नहीं है। अगर भाजपा संविधान में संशोधन करना चाहती है तो वह इसके लिए विधेयक लेकर संसद में आए। उन्हाेंने कहा कि भारत में सभी धर्मों को मानने की आजादी है किसी पर कोई धर्म थोपा नहीं जा सकता।