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डाउनलोड करेंरांची. राज्य के पांचों विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों पर नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो गया है। बुधवार को एचआरडी में उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. डीएन ओझा की अध्यक्षता में हुई बैठक में नियुक्ति नियम पर सहमति बनी।
अब प्रस्ताव को राज्यपाल सह कुलाधिपति डॉ. सैयद अहमद से स्वीकृति के लिए राजभवन भेजा जाएगा। राजभवन की मुहर लगते ही रेगुलेशन बन जाएगा। इसके बाद असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, प्रोफेसर, प्राचार्य, लाइब्रेरियन के रिक्त पदों पर नियुक्ति हो सकेगी। गौरतलब है कि सभी विवि ने इसके लिए प्रारूप तैयार किया था। बैठक में आरयू के रजिस्ट्रार डॉ. एके चौधरी सहित सभी विवि के रजिस्ट्रार मौजूद थे।
49 प्राचार्य होंगे नियुक्त
रांची यूनिवर्सिटी सहित राज्य के पांचों विश्वविद्यालयों में प्राचार्य के 49 पद रिक्त हैं। एचआरडी ने झारखंड लोक सेवा आयोग को अधियाचना भी भेज दी है। लेकिन नियुक्ति नियम नहीं होने के कारण प्रक्रिया शुरू नहीं की गई थी। इसका सीधा प्रभाव राज्य के 80 फीसदी कॉलेजों पर पड़ रहा है, जो प्रभारी प्राचार्य के भरोसे है।
रीडर-प्रोफेसर होंगे बहाल
कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विकास विभाग द्वारा प्रोफेसर और रीडर का रोस्टर क्लियर कर लिया गया है। इसकी अधियाचना भी जेपीएससी को भेज दी गई है। लेकिन नियम नहीं होने के कारण नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं की गई थी। आरयू में प्रोफेसर के 39 और रीडर के 78 पद रिक्त हैं।
लेक्चरर भी होगे नियुक्त
कार्मिक विभाग द्वारा समाजशास्त्र विभाग के 68 नव सृजित पदों का रोस्टर क्लियर कर लिया गया है। वहीं अन्य विषयों का अभी तक विवि स्तर ही रोस्टर क्लियर नहीं हो सका है। राज्य के पांचों विवि में लगभग आठ सौ लेक्चरर के पद रिक्त हैं।
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