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पलामू के खेतों में दरार, बारिश कम होने से बनी स्थिती

7 वर्ष पहले
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मेदिनीनगर. जिले में सुखाड़ की स्थिति भयावह हो गई है। खरीफ की फसल बर्बाद हो गई है। धान के खेतों में दरार पड़ गए हैं। सामान्य से काफी कम बारिश होने के कारण यह स्थिति बनी है। सितंबर में जिले में सामान्य बारिश 206.7 एमएम की जगह अब तक सिर्फ 110.3 एमएम ही हुई है। बारिश नहीं होने से मक्के की फसल झुलस गई। दलहन की स्थिति भी ठीक नहीं है। तिल, उरद, बराई में दाने नहीं पड़े। अब धान की फसल भी नष्ट होने लगी है। हालांकि जिला प्रशासन ने ग्रामीण विकास मंत्री केएन त्रिपाठी की अध्यक्षता में विधानसभा द्वारा गठित कमेटी को सुखाड़ की अनुशंसा कर दी थी। लेकिन इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई घोषणा नहीं की गई। इस हालात के कारण किसानों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। वे समझ नहीं पा रहे हैं कि ऐसी विकट परिस्थिति में वे क्या करें।
सीएम के आश्वासन पर भी कुछ नहीं हुआ : त्रिपाठी
ग्रामीण विकास मंत्री केएन त्रिपाठी ने कहा कि उन्होंने कैबिनेट में 20 दिन पहले ही पलामू और गढ़वा को सुखाड़ क्षेत्र घोषित करने की अनुशंसा की थी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आश्वासन भी दिया था। इसके बावजूद अब तक कोई घोषणा नहीं की गई। उन्होंने कहा कि पलामू और गढ़वा में प्रखंड स्तर पर यूनिक कमांड स्थापित कर अलग कोष बनाकर राशि उपलब्ध कराने की अनुशंसा भी की थी।
विस कमेटी को भेजी रिपोर्ट
पलामू डीसी केएन झा ने कहा कि जिले में धान का आच्छादन सिर्फ 25 फीसदी हुआ है। बारिश न होने के कारण इसकी स्थिति भी ठीक नहीं है। जिले की स्थिति से विधानसभा की कमेटी को अवगत करा दिया गया है। संबंधित रिपोर्ट भी सौंप दी गई है। अब सरकार को निर्धारित मानदंडों के अनुरूप फैसला लेना है। जो भी निर्देश मिलेगा, उसका पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
वर्ना आंदोलन : राय
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय ने कहा कि राज्य सरकार पलामू को सुखाड़ क्षेत्र घोषित करे, वर्ना भाजपा इस मुद्दे पर आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा पहले से ही पलामू को सुखाड़ क्षेत्र घोषित करने की मांग करती रही है। पर सरकार नजरअंदाज कर रही है।
पलामू की स्थिति गंभीर : वीडी
पलामू के सांसद वीडी राम ने कहा कि वहां की स्थिति काफी खराब है। लोग पलायन कर रहे हैं। उन्होंने इस मामले को संसद में उठाया था। कमेटी भी गठित हुई थी। कमेटी ने रिपोर्ट में स्थिति काफी खराब बताई थी। सरकार को चाहिए कि वहां तुरंत सुखाड़ घोषित करे।