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  • दुनिया के सुख छोड़ बन गए वैरागी

Diamond Merchant ने पत्नी संग लिया वैराग्य, दो बहनों ने भी ली दीक्षा

6 वर्ष पहले
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पीरटांड़. मुंबई के जाने-माने हीरा कारोबारी प्रवीण भाई अपनी पत्नी के साथ सांसारिक सुख-सुविधाओं को छोड़ कर वैरागी बन गए। उनके साथ सूरत की 17 और 15 साल की दो सगी बहनों और मुंबई की चंद्रावती बेन ने भी साधु जीवन अपना लिया। इन सभी ने मधुबन स्थित जैनियों के विश्व प्रसिद्ध तलेटी तीर्थ में बुधवार को दीक्षा ग्रहण की और अब ये संन्यासियों का जीवन व्यतीत करेंगे। उन्हें आचार्य कीर्तियश सूरीश्वर जी महाराज ने दीक्षित किया।
दीक्षा महोत्सव वाराणसी मंडप में पूरे विधि-विधान से हुआ। दीक्षा लेनेवालों को विजय तिलक लगाया गया। देववंदन किया गया। फिर सभी दीक्षार्थियों को साधुओं का प्रतीक चिह्न आेघा प्रदान किया गया।
साथ पलीं-बढ़ीं, साथ लिया संन्यास
सूरत की सगी बहनें माेक्षा और निसी साथ-साथ पलीं और बड़ी हुईं। जिस उम्र में आम तौर पर लड़कियां करियर के सपने बुनना शुरू करती हैं, उसी उम्र में दोनों बहनों ने एक साथ सांसारिकता को त्यागने का फैसला कर लिया। कारण पूछने पर दोनों बताती हैं, माता-पिता से शुरू से ही ऐसे संस्कार मिले कि वैराग्य धारण करने में कोई परेशानी नहीं हुई। हमने पहले से ही टीवी देखना और मोबाइल आदि का इस्तेमाल करना बंद कर दिया था।
ऐसा होगा संन्यासियों का जीवन
अब ये जीवन में कभी स्नान नहीं करेंगे। खुद बनाकर भोजन नहीं करेंगे। टीवी, मोबाइल, वाहन जैसी सुविधाओं का भी उपभोग नहीं करेंगे। सभी यात्राएं पैदल ही तय करेंगे।

इन्होंने ली दीक्षा
मुंबई के हीरा कारोबारी प्रवीण भाई और उनकी पत्नी कोकिला बेन, सूरत की 17 वर्षीया मोक्षा बेन और उनकी बहन 15 वर्षीया निसी बेन तथा मुंबई की चंद्रावती बेन।
आगे की स्लाइड्स में देखिए फोटो।