रांची. डीजीपी राजीव कुमार ने राज्य के सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि महीने में एक बार जिले के व्यवसायियों के साथ (पुलिस-पब्लिक) बैठक करें। उनकी समस्याओं की जानकारी लें और पुलिस से संबंधित मामलों में उन्हें सहयोग करें। छोटे-छोटे मामलों को लेकर बार-बार सड़क जाम करने वालों से निबटने के लिए वीडियोग्राफी कराकर मुकदमा करने की भी सलाह दी, ताकि आम लोगों को अनावश्यक सड़क जाम से मुक्ति मिल सके।
डीजीपी बुधवार को राज्य के सभी पुलिस अधीक्षकों एवं उनके कार्यालय के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबंधित जिलों के व्यवसायी संगठनों के प्रतिनिधियों से “डीजीपी आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत रूबरू हो रहे थे। व्यवसायियों की मांग व सुझाव के आधार पर ही डीजीपी ने निर्देश दिए।
डीजीपी ने कहा कि थानों व टीओपी को सुदृढ़ किया जाएगा। पुलिस से जुड़ी जनसमस्याओं का समाधान किया जाएगा। लोग भयमुक्त होकर थाने जाएं। उनकी शिकायत नहीं सुनी जाती है, तो सीनियर पुलिस अफसरों से संपर्क करें।
दो महिला पुलिसकर्मी की हर थाने में होगी तैनाती
राज्य के विभिन्न जिलों में पुलिस बल की कमी को दूर किए जाने की मांग पर डीजीपी ने कहा कि अब हर थाने में दो-दो महिला पुलिसकर्मी की तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों की बहाली के बाद पुलिस बल की कमी को भी दूर कर लिया जाएगा। झारखंड पुलिस में 17 हजार पद रिक्त हैं। इनमें दस हजार पद सिपाही के हैं। बहाली के माध्यम से पुलिस जीप चालक की कमी भी दूर हो जाएगी। व्यवसायियों ने इसपर डीजीपी की ध्यान आकृष्ट कराया था।
रंगदारी या लेवी के मामले में पुलिस खुद ही दर्ज करे एफआईआर
डीजीपी ने व्यवसायियों द्वारा लेवी और रंगदारी के मामले में की गई शिकायत पर पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि वे ऐसे मामले में व्यवसायियों को सामने न लाएं। पुलिस खुद ही अपने बयान पर एफआईआर करे। इससे व्यवसायियों पर खतरा नहीं रहेगा और लोगों का पुलिस पर विश्वास बढ़ेगा। लोग भयमुक्त होकर सूचना भी देंगे।
गुमला के एक व्यवसायी ने मामला उठाया कि लेवी के बारे में पुलिस को सूचना दिए जाने के चार घंटे बाद गोली मार दी गई। इस मामले में एसपी ने कहा कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही थी, जबकि गोली दूसरे व्यक्ति को मारी गई। मामला एक परिवार के बीच का है। एक आरोपी को छोड़ सभी गिरफ्तार कर लिए गए हैं।
व्यसायियों ने कहा, थाना जाने के बदले अपराधी को सेट करना आसान
गुमला के एक व्यवसायी ने कहा कि लोग भय से थाना में मामला दर्ज कराने नहीं जाते हैं। वहां पुलिस तरह-तरह के सवाल पूछती है। ऐसे में व्यवसायी यह समझते हैं कि थाना जाने से अच्छा है कि अपराधी को सेट करो। इसी तरह सरायकेला के व्यवसायियों ने कहा कि चोर, पुलिस से ज्यादा स्मार्ट हो गए हैं।
वे पुलिस की पेट्रोलिंग समाप्त होने के बाद चोरी करने निकलते हैं, वह भी समूह में। पुलिस मुख्यालय में डीजीपी के अलावा एडीजी अशोक कुमार सिन्हा, बीबी प्रधान, रेजी डुंगडुंग, अनिल पालटा, आईजी अनुराग गुप्ता, संपत मीणा, एमएस भाटिया, डीआईजी प्रवीण कुमार, रांची के एसएसपी प्रभात कुमार समेत कई पुलिस अफसर मौजूद थे।
थानों को अपग्रेड करने की रखी मांग
खूंटी के व्यवसायियों ने जिले में चलाए जा रहे ऑपरेशन कारो 2 की सफलता पर बधाई दी। इसके साथ ही यह भी सुझाव दिया कि ऑपरेशन की जानकारी पहले से न दी जाए। इससे नक्सलियों को भागने का मौका मिल जाता है। गुमला के व्यवसायियों ने गुमला थाने को दो भागों में बांटने का आग्रह किया। जमशेदपुर के व्यवसायियों ने आर्म्स लाइसेंस उपलब्ध कराने की मांग की। बोकारो के लोगों ने तेज तर्रार पुलिस अफसरों की पोस्टिंग की मांग रखी।
सरायकेला--खरसावां के व्यवसायियों ने पुलिस गश्ती के लिए दो नए वाहनों की मांग की। चाईबासा के व्यवसायियों ने चक्रधरपुर से चाईबासा के बीच पुलिस पेट्रोलिंग की मांग रखी। धनबाद के व्यवसायियों ने थानों के अपग्रेड के प्रस्ताव को पूरा करने की मांग रखी।
टाइगर मोबाइल के सदस्यों को दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण
व्यवसायियों की मांग पर डीजीपी ने विभिन्न शहरों में तैनात किए गए टाइगर मोबाइल को और भी सक्रिय व प्रभावकारी बनाने के लिए उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। टाइगर मोबाइल किसी भी घटना की सूचना मिलते ही कम से कम समय में घटना स्थल पर पहुंचता है। प्रशिक्षित लोगों के रहने से इनके माध्यम से तत्काल कार्रवाई भी हो पाएगी।