रांची. तीन दिन के बाद दिल्ली निर्भया कांड की दूसरी बरसी है। दो वर्ष के बाद ही सही झारखंड में भी दुष्कर्म पीड़िताओं के जीवन में उजाला फैलाने की कोशिश शुरू हो गई है। राज्य में वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर (ओएससीसी) की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ है। पूर्वी भारत का यह पहला सेंटर रिनपास में खुलेगा। इसके लिए कागजी कार्रवाई प्रारंभ हो गई है। राज्य सरकार और महिला व बाल विकास विभाग के बीच इस संबंध में निर्णय ले लिया गया है।
नए साल में इसका काम शुरू होने की संभावना है। यह सेंटर 24 घंटे काम करेगा। इसमें सभी आवश्यक सुविधाएं होंगी। इसके टोल फ्री नंबर पर किसी भी समय संपर्क किया जा सकेगा। नेशनल क्राइम ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार पिछले वर्ष देश में दुष्कर्म के 33707 मामले आए। झारखंड पुलिस के मुताबिक वर्ष की पहली छमाही में राज्य में 581 मामले आए। सिर्फ रांची में ही 99 मामले विभिन्न थानों में दर्ज हुए।
गौरतलब है कि 2012 में दिल्ली में निर्भया कांड के बाद केंद्र सरकार ने सभी राज्यों में वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर खोलने का निर्णय लिया था। तत्कालीन केंद्रीय महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी राज्यों से संपर्क किया था। पहला सेंटर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में खुला। लेकिन राज्य सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के कारण झारखंड में इस प्रोजेक्ट में देरी हुई।
पिछले साल बना था प्लान
सेंटर के लिए एक साल पहले ही रिनपास से बातचीत हुई थी। रिनपास निदेशक डॉ. अमोल रंजन ने हॉस्पिटल के ओपीडी के बगल में सेंटर बनाने का पूरा प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को दिया था। चार बेडेड इस सेंटर में जरूरत के समय पीड़िता के अभिभावक के भी रुकने की व्यवस्था होगी। चिकित्सा समेत अन्य सुविधाएं भी यहां मिलेंगी। सेंटर रिनपास के अधीन नहीं होगा। इसके संचालन की जवाबदारी महिला एवं बाल विकास विभाग की होगी। जरूरत पड़ने पर इस प्रोजेक्ट में किसी एनजीओ को भी शामिल किया जाएगा।
ये सुविधाएं मिलेंगी यहां
इमोशनल और काउंसिलिंग सुविधा
एफआईआर या पुलिस कंपलेन करने में मदद
कानूनी सलाह और काउंसलिंग के लिए वकील
फारेंसिक सबूत जमा करने में मदद
रिनपास में होगा निर्माण
क्राइसिस सेंटर का निर्माण रिनपास में प्रस्तावित है। मैंने इसका प्रपोजल सरकार को सौंप दिया था। इन दिनों कुछ कार्य आगे बढ़ने की सूचना मिली है। हालांकि मेरे पास अभी सरकार की ओर से निर्माण की तिथि आदि से संबंधित लिखित निर्देश नहीं आया है।'' डॉ. अमोल रंजन, निदेशक रिनपास