रांची. राज्य के हाई स्कूलों में सत्र 2015-16 से आठ नए वोकेशनल कोर्स शुरू होंगे। इसके लिए पांच प्रमंडलों के 53 हाई स्कूलों का चयन किया गया है। रांची, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, हजारीबाग, गढ़वा, पलामू, देवघर, दुमका, पाकुड़, साहेबगंज, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को झारखंड माध्यमिक शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक जॉन पास्कल लकड़ा ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम का संचालन कक्षा नौ और 11 में शुरू किया जाना है।
जिला शिक्षा अधिकारी चयनित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक के साथ बैठक कर विद्यालय प्रबंधन समिति के साथ हुई बैठक की जानकारी लेकर ट्रेड का चयन कर सकते हैं। ताकि नए सत्र से पढ़ाई शुरू हो सके।
इन ट्रेड की होगी पढ़ाई
माध्यमिक शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से आठ ट्रेड का सुझाव दिया गया है। इसमें कहा गया है कि ये ट्रेड स्थानीय स्तर पर व्यवसाय और रोजगार को ध्यान में रखकर सुझाए गए हैं। इसमें दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के लिए सिक्यूरिटी, ऑटो
मोबाइल, हेल्थ केयर, आईटी, टूर एंड ट्रेवल, इंजीनियर टूल्स और फूड प्रोसेसिंग शामिल है।
वहीं उत्तरी छोटानागपुर के लिए सिक्यूरिटी, ऑटोमोबाइल, हेल्थकेयर, आईटी, टूर ट्रेवल्स और आयरन व स्टील, पलामू प्रमंडल के लिए ऑटोमोबाइल, आईटी और हेल्थकेयर, संथाल परगना के लिए आईटी, सिक्यूरिटी, हेल्थकेयर ऑटोमोबाइल और कोल्हान प्रमंडल के लिए ऑटोमोबाइल, हेल्थकेयर, आईटी और इंजीनियर टूल्स का ट्रेड सुझाया गया है।
रांची में हुआ है आठ स्कूलों का चयन
नए वोकेशनल कोर्स के लिए रांची जिले में आठ स्कूलों का चयन किया गया है। इसमें शिव नारायण मारवाड़ी बालिका विद्यालय, एसए डोरंडा हाई स्कूल, बाल कृष्ण उच्च विद्यालय, एसएस हाई स्कूल बेड़ो, एसएस हाई स्कूल चिलदाग, राजकीय हाई स्कूल कांके और राजकीय बालिका उच्च विद्यालय बरियातू शामिल है।
इसके अलावा बोकारो में चार, धनबाद में पांच, गिरिडीह में तीन, हजारीबाग में पांच, गढ़वा में तीन, पलामू में दो, देवघर में तीन, दुमका में चार, पाकुड़ में चार, साहेबगंज में तीन, पूर्वी सिंहभूम में तीन और पश्चिमी सिंहभूम में छह स्कूल का चयन नए वोकेशनल कोर्स के लिए किया गया है।
शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया गया है कि प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक कर शीघ्र ट्रेड का चयन करें। यह भी कहा गया है कि ट्रेड का जिला स्तर पर चयन करते हुए इसकी जानकारी राज्य कार्यालय के पांच दिनों के अंदर दी जाए। जॉन पास्कल लकड़ा, राज्य परियोजना निदेशक