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बन्ना के नाम पर मुहर लगते ही हाजी व सुरेश की जगह भी बनेंगे नए मंत्री

7 वर्ष पहले
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रांची. योगेंद्र साव के इस्तीफे के बाद हेमंत कैबिनेट के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन अंसारी और सुरेश पासवान की कुर्सी भी डगमगा रही है। इस बीच कांग्रेस कोटे से बन्ना गुप्ता को मंत्री बनाए जाने का प्रस्ताव प्रदेश कांग्रेस ने केंद्रीय नेतृत्व को भेजा है। अगर बन्ना के नाम पर मुहर लगी ताे फिर हाजी और सुरेश पासवान की जगह भी दो नए मंत्री हेमंत कैबिनेट में शामिल कराए जा सकते हैं। वैसे सीएम पर झामुमो का भी दबाव है कि वे हाजी को न हटाएं। अब झामुमो के दबाव और अपनी छवि के बीच हेमंत सोरेन का द्वंद्व जारी है। इन दोनों आरोपी मंत्रियों के त्यागपत्र पर सीएम ने पिछले सप्ताह कहा था कि वे इस मामले में गंभीर हैं। उचित समय पर वे उचित कार्रवाई करेंगे। किसी भी कठोर निर्णय से वे पीछे नहीं हटेंगे। पर, यह कठोर फैसला कब तक आएगा, राजनीतिक प्रेक्षकों को यही इंतजार है।
हाजी की जगह अकील को मिल सकता है मौका
अगर हाजी की कुर्सी गई तो पार्टी के पाकुड़ विधायक अकील अख्तर को मौका मिल सकता है। पार्टी नेताओं ने बताया है कि अकील अभी सउदी अरब गए हुए हैं। उनसे बात करने की कोशिश हो रही है। अल्पसंख्यक चेहरा होने के कारण हाजी के पक्ष में पार्टी खड़ी है। पर, अकील भी अल्पसंख्यकों में लोकप्रिय हैं, लिहाजा हाजी के खिलाफ कार्रवाई हुई तो अकील को मंत्री बनाकर पार्टी भरपाई करना चाहेगी। हाजी के बचाव में झामुमो का कहना है कि रकीबुल के यहां दावत पर जाकर मंत्री ने कोई गलती नहीं की। हां, झामुमो को यह जरूर लगता है कि मंत्री सुरेश पासवान पर लगे आरोप गंभीर हैं और उन्हें हटाया जा सकता है। पर राजनीतिक प्रेक्षकों का कहना है कि अगर सुरेश को हटाया गया तो हाजी को भी हटाना पड़ सकता है।
सुरेश के स्थान पर जनार्दन की हो सकती है इंट्री

सुरेश गए तो चतरा के राजद विधायक जनार्दन पासवान की हेमंत कैबिनेट में इंट्री हो सकती है। राजद प्रमुख लालू प्रसाद की अस्वस्थता के कारण मामला टलता रहा है। जानकार बताते हैं कि पर्यटन मंत्री सुरेश पासवान की कुर्सी भी खतरे में है। राजद से आ रही खबरों के मुताबिक सुरेश पासवान को जल्द ही इस्तीफा देने के लिए कहा जा सकता है। प्रदेश अध्यक्ष गिरिनाथ सिंह के बचाव में उतरने के बाद भी सुरेश पासवान पर इस्तीफे का दबाव कम नहीं हुआ है। राजद के अंदर से पड़ रहे तमाम दबाव के बाद भी सुरेश पासवान लालू प्रसाद के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि पासवान ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से मिल कर उन्हें समझाया है कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। इसके बाद भी उनका संकट पूरी तरह टला नहीं है।