धनबाद. तेजाब पीिड़ता सोनाली मुखर्जी फिर से देख सकेंगी। तीन सिरफिरों के कारण अपनी आंख, कान, चेहरा समेत शरीर के 80 प्रतिशत अंग गंवाने वाली सोनाली को अमेरिका के डॉक्टरों ने संदेश भिजवाया है कि वे उनकी आंखों की रोशनी वापस दिला सकते हैं।
यह खबर सोनाली के लिए किसी चमत्कारिक देववाणी से कम नहीं, जिन्होंने 11 वर्षों से दुनिया को अपनी आंखों से नहीं देखा है। उसकी आंखें तेजाब की भेंट चढ़ चुकी हैं। सोनाली के लिए अमेरिका के डॉक्टरों का न्योता उनके जीवन की सबसे बड़ी आस बन गई हैं। अमेरिका जाने के लिए सोनाली ने आनन-फानन में वीजा का आवेदन दिया। रविवार को सोनाली परिजनों के साथ कोलकाता पहुंचीं। सोमवार को कोलकाता विदेश निदेशालय में वीजा इंटरव्यू तय है। सोनाली आवश्यक दस्तावेज के साथ इंटरव्यू का सामना करेंगी।
इंटरव्यू के बाद वीजा जारी होगा। सोनाली के मुताबिक अमेरिका के गोस्टन में आंखों का अत्याधुनिक हॉस्पिटल है, जहां के स्पेशलिस्ट उनकी आंखों का ऑपरेशन करेंगे। यह उनकी जिंदगी का 35वां ऑपरेशन होगा। चार साल में छोटे-बड़े 34 ऑपरेशनों के जरिए उसने सुनने और महसूस करने की शक्ति को वापस पा ली है। सोनाली फिलहाल बोकारो डीआरडीए में किरानी का काम कर रही हैं।
अगले माह ऑपरेशन संभव
अक्टूबर में अमेरिका के गोस्टन में सोनाली की आंखों का ऑपरेशन हो सकता है। तेजाब के कारण सोनाली की आखें की पुतलियां पिघल कर गाल की त्वचा के साथ मिल गई थीं। ऐसी स्थिति में नई आंखों के प्रत्यारोपण के साथ वैज्ञानिक तरीके से पुतलियों को नए सिरे से तैयार करना बेहद दुरूह चिकित्सकीय प्रयोग होगा।
सुनने में भी आती है समस्या
दिल्ली से बीएल कपूर सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के विशेषज्ञ सोनाली की बाईं कान में सुनने की शक्ति लौटाने में तो कामयाब रहे, परंतु दाईं कान से अभी भी वह नहीं सुन सकती। ऐसे में सोनाली को आस है कि अमेरिका के स्पेशलिस्ट डॉक्टर उनकी दाई कान में भी श्रवण शक्ति लौटाने का चमत्कार कर सकते हैं।
अमेरिका के गोस्टन के प्रसिद्ध आई हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने आंखों की रोशनी वापस लौटाने का भरोसा दिया है। मैं उत्साहित हूं। अमेरिका जाने के लिए वीजा का आवेदन दिया है। इंटरव्यू देने कोलकाता आई हूं। सब कुछ ठीक रहा तो अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में आंखों का ऑपरेशन होगा। मैं देखना चाहती हूं कि दुनिया कितनी बदल गई है। सोनाली मुखर्जी
कौन है सोनाली?
धनबाद के बीएसएस कॉलेज की ग्रेजुएशन की छात्रा और एनसीसी कैडेट रही सोनाली पर 22 अप्रैल 2003 की रात तापस मित्रा ने अपने साथी संजय पासवान और ब्रह्मदेव हाजरा की मदद से उस समय तेजाब डाल दिया था, जब वह धैया भेलाटांड़ स्थित अपने घर की छत पर सो रही थी। प्रेम निमंत्रण ठुकराने के कारण तापस ने उसे यह सजा दी थी।