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शहीद संकल्प के पिता बोले- गैलेंटरी अवार्ड दे सरकार

7 वर्ष पहले
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(शहीद की फोटो को खिलाया खाना)
रांची. शहीद संकल्प का श्राद्धकर्म बुधवार को बूटी के कृष्णानगर स्थित आवास पर संपन्न हुआ। बाबा शिवशंकर मंदिर, बूटी के प्रधान पुजारी बांके बिहारी पांडेय ने संपूर्ण अनुष्ठान आर्य समाज विधि से कराया। शहीद की पत्नी प्रिया और उनकी बेटी सारा ने संकल्प की तस्वीर को नमन कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनकी आंखें नम जरूर थीं, लेकिन चेहरे पर गर्व के भाव भी थे। मानो कह रही हों, देश के लिए शहीद हुए ऐसे वीर को शत-शत नमन। संकल्प की मां सुषमा समेत अन्य परिजन पूरे अनुष्ठान देख रहे थे। हवन के बाद परिजन व सेना के अधिकारी समेत सभी सगे-संबंधियों ने शहीद को श्रद्घांजलि दी। दोपहर बाद तीन बजे प्रसाद वितरण किया गया। फिर भोज का आयोजन हुआ।
शहीद की पत्नी प्रिया ने संकल्प की पसंद के कपड़े व चीजें पंडित को दान की। उन्हें काजू की बरफी और गुलाब जामुन मिठाई खिलाने के साथ ही दान भी की। प्रिया के अनुसार संकल्प को दोनों मिठाइयां काफी पंसद थीं। पूजा के दौरान पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। समझाने पर वह कहती थी, बुरे दिन तो आ गए अब रोने से क्या फायदा। फिर वह चुप हो जाती और काम करने लगती। प्रिया अपनी दोनों बेटियों से शहीद संकल्प की तस्वीर को बार-बार प्रणाम करवा रही थीं। इधर, संकल्प के पिता एसके शुक्ला ने सरकार से शहीद को गैलेंटरी अवार्ड से सम्मानित करने की मांग की। कहा कि उनका बेटा देश के लिए शहीद हुआ है। जवानों की जान बचाने के लिए उसने खुद की जान कुर्बान कर दी। संकल्प झारखंड का रहने वाला था। इसलिए राज्य सरकार को इस दिशा में पहल करनी चाहिए।
शहीद की फोटो को खिलाया खाना
श्राद्धकर्म के दौरान कई पल ऐसे आए, जब वहां मौजूद लोग रो पड़े। प्रिया और दोनों बेटियाें ने शहीद की फोटो काे खाना खिलाया। छोटी बेटी ने पहले मिठाई उठाकर शहीद की फोटो में लगाया। यह देख प्रिया ने बेटी से कहा, बेटी पापा हमेशा खाना खाने के बाद मिठाई खाते थे और फिर वह फूट-फूटकर रोने लगी।
गरीबों को कराया भोजन
संकल्प के पिता एके शुक्ला ने बताया कि घर आए लोगों को खाना खिलाने के बाद अनाथालय के बच्चों काे भी भोजन कराया गया। वहीं, मेन रोड स्थित काली मंदिर के समीप गरीबों में भी भोजन के पैकेट बांटे गए। एके शुक्ला ने बताया कि संकल्प जब भी रांची आते थे, काली मंदिर जरूर जाते थे। पत्नी प्रिया ने माता-पिता के पैर छूकर ही सामान दान करना चाहती हैं। इसके बाद प्रिया ने दोनों के पैर छुए, फिर दान किया।
वीरता पदक देने की भी मांग उठी
स्थानीय लोगों ने केंद्र सरकार से शहीद संकल्प शुक्ला को वीरता पदक की मांग है। कहा कि संकल्प ने देश की रक्षा के लिए अपनी जान दे दी। यदि संकल्प समय पर दुश्मनों से लोहा नहीं लेते, तो न जाने कितने कश्मीरियों की जान चली जाती। सामाजिक कार्यकर्ता विनोद शुक्ला ने कहा कि शहीद संकल्प शुक्ला को राज्य सरकार से भी विशेष सम्मान मिलना चाहिए। कारगिल युद्ध में शहीद नागेश्वर महतो की तरह इन्हें सरकारी सहयोग भी मिलना चाहिए।
विधि-विधान से हुए सभी कार्यक्रम
अनुष्ठान सुबह सात बजे से शुरू हो गए थे। पंडित बांके बिहारी पांडेय ने श्राद्धकर्म में अभिपूरक पिंड, एकादश श्राद्ध, आद्य श्राद्ध, द्वादश श्राद्ध, षोडश श्राद्ध अंतर्गत चतुर्दश मासिक पिंड, सपिंडी, कर्मपिंडी, पितृ मिलन, शैय्या दान, गोदान, हवन और पुष्पांजलि की विधि कराई। इसके बाद प्रसाद वितरण हुआ। पिता एसके शुक्ला ने श्राद्ध अनुष्ठान संपन्न कराया। श्रद्धांजलि व हवन में संकल्प के परिजन, रिश्तेदार, सेना व पुलिस के अधिकारी शामिल थे।