रांची. मानव संसाधन विकास विभाग (एचआरडी) द्वारा शीघ्र कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण सैकड़ों छात्रों का भविष्य तीन वर्ष से अधर में लटका है। एचआरडी ने 2011 में सत्र 2011-13 के लिए राजकीय प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों और डायट में दो वर्षीय शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स के लिए आवेदन निकाला था। इसके लिए करीब ३क्क्क् अभ्यर्थियों के आवेदन विभाग को मिले थे। इसके एवज में विभाग ने अभ्यर्थियों से सौ-सौ रुपए छात्र शुल्क भी लिया था, लेकिन आज तक एडमिशन को लेकर विभाग की ओर से कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है।
क्या है मामला
दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के तीन शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में दो वर्षीय प्रशिक्षण कोर्स में एडमिशन के लिए 2011 में एचआरडी ने आवेदन जारी किया था। जब छात्रों ने एडमिशन के लिए आवेदन जमा कर दिया, तभी (२क्११ में) राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने एडमिशन नियम में बदलाव कर इसकी सूचना विभाग को भेजी। सूचना के बाद एचआरडी ने एडमिशन पर तत्काल रोक लगा दी। तब क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक ने इस पर मंतव्य मांगा। इसके बाद नियम में हुए बदलाव को संशोधित कर एचआरडी ने आरडीडीई को दिशा-निर्देश भेजा। इसके बाद भी कुछ कारणों से एडमिशन में पेंच फंसा रह गया।
इन संस्थानों में होना था एडमिशन
राजकीय प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय बुंडू, रांची (पुरुष) में 50 सीटों पर, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डायट रातू (महिला के लिए) 60 सीटों पर और राजकीय प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय सिमडेगा (पुरुष) में 100 सीटों पर एडमिशन लिया जाना था।
दिशा-निर्देश नहीं मिला है
छात्रों की सूची तैयार की जा रही थी, तभी एनसीटीई ने एडमिशन के नियम में बदलाव कर दिए। इसके बाद एचआरडी ने एडमिशन पर रोक लगा दी थी। बाद में दिशा-निर्देश मांगा गया, लेकिन कुछ बिंदुओं पर अभी तक दिशा-निर्देश नहीं मिला है। इस कारण एडमिशन प्रक्रिया स्थगित है।
आभा कुसुम तिर्की, आरडीडीई दक्षिणी छोटानागपुर