(हजारीबाग सदर थाने में तैनात पुलिसकर्मी।)
हजारीबाग. उग्रवादी संगठन झारखंड टाइगर ग्रुप से संबंधों के मामले में फंसे पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव पुलिस के समक्ष हाजिर नहीं हुए। उन्हें मंगलवार की सुबह सदर थाने में पुलिस के सवालों का जवाब देना था। सवालों की सूची के साथ तैयार पुलिस अधिकारी तीन घंटे तक योगेंद्र साव का इंतजार करते रहे। अंतत: कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने उनके विभिन्न ठिकानों पर छापामारी शुरू कर दी।
देर शाम तक विभिन्न स्थानों पर छापे मारे गए। पुलिस की एक टीम रांची रवाना हो गई। कोर्ट ने योगेंद्र के भाई धीरेंद्र साव के खिलाफ भी वारंट जारी किया है। पुलिस जहां धीरेंद्र की गिरफ्तारी के लिए छापे मार रही है, वहीं सोमवार को गिरफ्तार किए गए योगेंद्र के चचेरे भाई पवन साव को पुलिस ने पूछताछ के बाद मंगलवार को जेपी केंद्रीय कारा भेज दिया।
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