रांची. निम्स यूनिवर्सिटी जयपुर के चेयरमैन डॉ. बलवीर सिंह तोमर ने रांची की बेटी की आबरू लूटने की कोशिश की। अपनी सूझबूझ से सोनम (बदला हुआ नाम) अस्मत बचाने में सफल रही। चेयरमैन के खिलाफ उसने चुटिया थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
चार फरवरी की शाम सोनम जयपुर के चंदवाजी थाना क्षेत्र स्थित यूनिवर्सिटी कैंपस से निकलकर जयपुर शहर पहुंची। वहां से अपने पापा को फोन कर चेयरमैन की हरकतों की जानकारी दी। कहा, मैं दिल्ली पहुंच रही हूं। आप हवाई जहाज से रांची आने का टिकट भेजें। पांच फरवरी को सोनम रांची पहुंची। घटना से आहत सोनम कहती हंै कि दर्जनों लड़कियों की अस्मत से खेलने वाले तोमर के खिलाफ वह अंतिम दम तक लड़ाई लड़ेगी।
रांची के एक होटल में भी की थी छेड़छाड़
20 वर्षीय सोनम निम्स यूनिवर्सिटी के पारा मेडिकल कॉलेज में बैचलर ऑफ रेडियेशन एंड इमेजिंग टेक्नोलॉजी की द्वितीय वर्ष की छात्रा है। वह बताती है कि डॉ. तोमर एक कार्यक्रम में पिछले 25 अक्टूबर को रांची के एक होटल में आए थे। वह भी आपने पापा के साथ वहां गई थी। कार्यक्रम के बाद तोमर ने बुलाकर कहा कि उसे स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत यूरोप भेजना चाहते हैं। इस विषय में कुछ बातचीत करनी है, थोड़ी देर रुको।
पापा को कुछ जरूरी काम था इसलिए वे चले गए। थोड़ी देर बाद तोमर ने उन्हें अपने कमरे में बुलाया और कहा मैं तुम्हारा कैरियर बनाना चाहता हूं। इसके बाद बगल में बैठ गए और जोर जबरदस्ती करने लगे। विरोध करने पर तुरंत छोड़ दिया। तोमर की उम्र करीब 70 साल है।
सोनम ने कहा, छह नवंबर को वह रांची से जयपुर पहुंची। सात नवंबर को तोमर ने उसे अपने चैंबर में बुलाया और पुन: यूरोप की बात करने लगे। उसके बाद से उन्होंने कई बार शाम में अपने चैंबर में बुलाया और करियर बनाने की बात कहते रहे। वह शरीर के विभिन्न हिस्सों को छूकर प्यार भी दर्शाते थे। बुजुर्ग होने के कारण मैं उनकी बदनीयती नहीं समझ पाई। चार फरवरी को उन्होंने अपने मोबाइल से फोन किया और 47 मिनट बातचीत की। इसकी रिकार्डिंग सोनम ने पुलिस को दी है।
सोनम का कहना है कि वह द्विअर्थी शब्दों का प्रयोग करते हुए मुझे अपना इंटिमेट और कांफिडेंशियल बनने को कहा। उन्होंने अपनी शारीरिक भूख पूरी करने का इशारा भी किया। इससे मुझे समझ में आ गया कि वह मेरा शारीरिक शोषण करना चाहते हैं। जिसके बाद मैं यूनिवर्सिटी छोड़कर रांची आ गई।
तोमर कई लड़कियों की जिंदगी कर चुका है बर्बाद
प्राथमिकी में सोनम ने आरोप लगाया है कि यूनिवर्सिटी के चेयरमैन बीएस तोमर यौन शोषण कर कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद कर चुका है। उनके खिलाफ पहले भी एफआईआर दर्ज हैं। अपनी ऊंची पहुंच और पैसे के बल पर वह अब तक बचते रहे हैं। उन्हें जब मेरे रांची आ जाने की खबर मिली, तो मुझे और मेरे पापा को करोड़ों का लालच दिया। नहीं मानने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना से मैं घबराहट में हूं। आखिर लड़कियां अपना घर छोड़कर बाहर पढ़ाई कैसे करेंगी। उसने पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
महिलाकर्मी ने दर्ज कराया था मामला
डॉ. तोमर के खिलाफ यौन शोषण के मामले पूर्व में भी दर्ज हो चुके हैं। निम्स यूनिवर्सिटी में ही काम करने वाली एक 25 वर्षीय युवती ने आरोप लगाया था कि तोमर ने उसे रुपए और हवाई जहाज का टिकट देते हुए अहमदाबाद चलने के लिए कहा था। फाइव स्टार होटल में कमरा बुक करा लिया। खुद अहमदाबाद पहुंच गए, लेकिन युवती नहीं गई।
युवती ने चंदवाजी थाने में मामला दर्ज करा दिया। पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि युवती के नाम से हवाई यात्रा का टिकट कटा था और रूम भी बुक कराया गया था। इसी प्रकार तोमर ने एक रिसेप्शनिस्ट का यौन शोषण करने का प्रयास किया। वह थाने गई, लेकिन पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की। वह महिला आयोग गई, तो मामला दर्ज हुआ था।
इन धाराओं में दर्ज हुई प्राथमिकी
डॉ. तोमर के खिलाफ छह फरवरी को चुटिया थाने में भादवि की धारा 376(सी), 511, 354, 354(ए), 356बी और 506 के तहत कांड संख्या 29-15 दर्ज किया गया है। सब इंस्पेक्टर बीपी सिंह मामले के अनुसंधानकर्ता बनाए गए हैं।