रांची. राजधानी में अर्बन ट्रांसपोर्ट सिस्टम लागू करने की कवायद तेज हो गई है। रांची के राजधानी बने 14 वर्ष से अधिक हो गए। लेकिन अब तक यहां अर्बन ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलप नहीं हो सका है। इसे देखते हुए सरकार ने शहर में नया ट्रांसपोर्ट सिस्टम (अर्बन) लागू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए कंप्रेहेसिव मोबिलिटी प्लान (सीएमपी) बनाया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू भी कर दी गई है।
नगर विकास विभाग ने सीएमपी बनाने के लिए आईडीएफसी कंपनी का चयन किया है। आईडीएफसी को सीएमपी बनाने की स्वीकृति देने के लिए विभाग द्वारा तैयार प्रस्ताव को योजना पर्षद प्राधिकृत समिति को भेजा गया है। समिति की स्वीकृति के बाद सीएमपी बनाने की कार्रवाई शुरू होगी।
क्या है सीएमपी
शहरी परिवहन व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए सीएमपी नई पहल है। इसमें ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम को डेवलप करने की विस्तृत कार्ययोजना होती है। इसमें सड़क की चौड़ाई, बस की संख्या, बस स्टैंड का डिजायन, रोड मार्किंग, बस का रूट आदि तय किया जाता है। साथ ही रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और बस स्टैंड से यात्रियों को कवर करने के लिए बस की फ्रिक्वेंसी भी निर्धारित की जाती है। ताकि बाहर से आने वाले यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।
सीएमपी इसलिए है जरूरी
शहरी परिवहन की योजना बनाने से पहले सीएमपी तैयार करना जरूरी है। क्योंकि केंद्र द्वारा शहरी परिवहन योजना को स्वीकृति व फंड तभी दिया जाएगा, जब सीएमपी रहेगा। केंद्र सरकार ने 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहर में अर्बन ट्रांसपोर्ट सिस्टम लागू करना अनिवार्य कर दिया है, ताकि निजी वाहनों का प्रयोग कम हो सके। अर्बन ट्रांसपोर्ट के लिए केंद्र प्रत्येक शहर को अलग से फंड देने की तैयारी कर रहा है। इसको लेकर झारखंड सीएमपी बनाने जा रहा है।
राजधानी को मिल सकेंगी 500 बसें
सीएमपी बनने के बाद अर्बन ट्रांसपोर्ट सिस्टम के तहत राज्य सरकार को केवल रांची के लिए लगभग 500 बसें मिलने की संभावना है। वहीं, धनबाद, देवघर और जमशेदपुर के लिए अलग से बसें मिलेंगी।
नौ माह में तैयार हो जाएगा सीएमपी
योजना प्राधिकृत समिति और कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद सीएमपी बनने में नौ माह का समय लगेगा। आईडीएफसी को सीएमपी बनाने के लिए चयनित किया गया है। कंपनी को सीएमपी बनाने के एवज में लगभग 67.50 लाख रुपए दिए जाएंगे।
योजना तैयार, शीघ्र होगी कार्रवाई
अर्बन ट्रांसपोर्ट सिस्टम को शहर में बेहतर तरीके से लागू करने के लिए कंप्रेहंेसिव मोबिलिटी प्लान बनाने की जरूरत है। इसकी योजना तैयार कर ली गई है। शीघ्र ही इस पर कार्रवाई शुरू की जाएगी।'' अजय कुमार सिंह, सचिव नगर विकास