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इंतजार करते रहे हजयात्री, अंतिम जत्थे को भी हुई परेशानी

7 वर्ष पहले
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रांची. राज्य हज कमेटी का कार्यकाल खत्म होने के कारण झारखंड के आजमीन-ए-हज को इस बार काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसका खमियाजा उन्हें शुरुआती जत्थे से लेकर अंतिम जत्थे की रवानगी तक भुगतना पड़ा। गुरुवार को अंतिम जत्थे में सिर्फ 77 हज यात्रियों को जाना था। इस वजह कर अधिक सीटों वाले विमान की व्यवस्था नहीं थी। पहले इन्हें शाम 5.30 बजे जयपुर जाना था। वहां के 163 हज यात्रियों को लेकर विमान को जेद्दा रवाना होना था।
जयपुर एयरपोर्ट में काम होने के कारण उड़ान का समय रांची एयरपोर्ट से देर रात 3.00 बजे बताया गया। इसके कारण आजमीन-ए-हज व उनके परिजनों को काफी परेशानी हुई। रात 12.00 बजे के बाद हजयात्री रिपोर्टिंग के लिए एयरपोर्ट पहुंचे। लेकिन देर रात तक उड़ान का इंतजार करते रहे। जत्थे में रांची, जमशेदपुर, लोहरदगा, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़ और ईस्ट सिंहभूम सहित नौ जिलों के हज यात्रियों में 42 पुरुष व 35 महिलाएं शामिल थीं।
दोपहर में पहुंच गए थे
आजमीन-ए-हज दोपहर को ही एयरपोर्ट पहुंच गए थे। वहां मौजूद वॉलेंटियर कौसर परवीन और मो. फिरोज ने उन्हें हज हाउस में ठहरने की सलाह दी। अचानक समय बदलने से हजयात्रियों को परेशानी हुई। उनके परिजनों में काफी संख्या में बच्चे और महिलाएं भी थीं।