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अब बिना कमेटी के होगा पाक सफर, कई तरह की परेशानी आ सकती हैं सामने

7 वर्ष पहले
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रांची. आजमीन-ए-हज का तीसरा जत्था सोमवार को बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से रवाना हुआ। इसमें 125 पुरुष व 115 महिलाएं शामिल थीं। इस जत्थे में मौलाना तहजीबुल हसन भी गए।
पर सभी के आकर्षण का केंद्र सबसे ज्यादा उम्र के अाजमीन बोकारो के 70 वर्षीय सोबराती मियां व सबसे कम उम्र की गिरिडीह की 35 वर्षीय अकीमन निसा थीं। लेकिन चर्चा सबसे अधिक हज कमेटी की रही। दरअसल झारखंड राज्य हज समिति का कार्यकाल 15 सितंबर को ही खत्म हो गया।

बिना कमेटी की निगरानी में अब हज जैसे पाक सफर पर राज्य के लोग जाएंगे और अाएंगे। सऊदी अरब में किसी प्रकार की परेशानी होने पर कमेटी के सीईओ नुरुल होदा को ही सारी व्यवस्था अकेले संभालनी पड़ेगी। हालांकि विभिन्न मुस्लिम संगठन पहले से ही हज कमेटी के पुनर्गठन की मांग करते रहे हैं। लेकिन अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन अंसारी का महज उन्हें आश्वासन ही मिला। उन्होंने पुन: कहा है कि प्रक्रिया जारी है, जल्द ही नोटीफिकेशन जारी कर दिया जाएगा।
हज हाउस और एयरपोर्ट में मेला
राजधानी में इन दिनों हर ओर हज जैसे पाक अरकान व सफर की ही चर्चा है। दरअसल मक्का व मदीने के सफर की शुरुआत हो चुकी है। इसका सबसे अच्छा नजारा हज हाउस और बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर दिख रहा है। झारखंड के हजयात्री को दो दिन पहले हज हाउस में रिपोर्टिंग करनी है। विभिन्न जिलों के हजयात्री के साथ वाहनों का काफिला भी पहुंच रहा है। इसके कारण हज हाउस के आसपास के इलाके में हर वक्त भीड़ लगी रह रही है। खाने-पीने से लेकर बैग, जूता-चप्पल और हज संबंधित सामग्रियों सहित कई अस्थायी होटल भी खुले हुए हैं। वहीं, एयरपोर्ट पर भी दोपहर एक बजे से ठेले-खोमचे में बच्चों और लड़कियों की भीड़ नजर आ रही है।
आज 239 हजयात्री उड़ान भरेंगे
रांची, हजारीबाग, गुमला, देवघर और बोकारो के कुल 240 हज यात्रियों ने उड़ान भरी। दिन के 4 बजे एयरपोर्ट परिसर आजमीन-ए-हज को विदा करने आए परिजनों से भरा पड़ा था। लेकिन आजमीन-ए-हज और उनके परिजनों के बीच ए्क चीज सामान्य थी, वो थी उनकी आंखों से गिर रही आंसुओं की कतार। कई परिजन अपनों से गले मिलकर रोने लगे। इनमें खुशी और गम दोनों का अक्स था। लोग हज टर्मिनल के अंदर जाते हुए हज यात्रियों से दुआ की दरख्वास्त करते नजर आए। एयरपोर्ट पर हज कुबूल होने की दुआ की गई। मंगलवार काे भी यही दृश्य एयरपोर्ट पर रहेगा। उस दिन चौथे जत्थे की रवानगी है। इसमें विभिन्न जिलों के 239 हजयात्री िवशेष विमान से उड़ान भरेंगे।
आगे की स्लाइड में पढ़िए परिजनों के लिए कोई व्यवस्था नहीं।