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डाउनलोड करेंरांची । बुधवार को चुनाव संघर्ष समिति द्वारा एक तरफ आमरण अनशन किया जा रहा था, तो दूसरी तरफ नगर परिषद् के निर्वाचित उम्मीदवारों का शपथ ग्रहण करवाया जा रहा था। खुशी और गम की इन दो अलग-अलग स्थितियों पर आम लोगों की नजर थी।
जीते हुए प्रत्याशियों का शपथ ग्रहण और हारे हुए प्रत्याशियों का आमरण अनशन से कई प्रश्न उठे। चुनाव संघर्ष समिति का आमरण अनशन का बुधवार को तीसरा दिन रहा। समिति ने प्रशासन से मांग की थी कि वोटों की गिनती में अनियमितता हुई है। इसलिए जिन प्रत्याशियों को विजय घोषित किया गया, उन्हें फैसला होने तक पद एवं गोपनीयता की शपथ नहीं दिलाई जाए।
इस बाबत चुनाव संघर्ष समिति ने बुधवार को उपायुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा। किंतु तय कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को उपायुक्त डॉ. मनीष रंजन ने समाहरणालय सभाकक्ष में नगर परिषद् के अध्यक्ष पद पर निर्वाचित अंजलि कुमारी, उपाध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित आनंद देव के अलावा 31 वार्ड पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
उपाध्यक्ष पद पर आनंद देव निर्वाचित : बुधवार को शपथ ग्रहण के पूर्व अपर समाहर्ता शेखर कुमार वर्मा की अध्यक्षता में नगर परिषद् के उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ। दो उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। कांटे की टक्कर में वार्ड 13 के पार्षद आनंद देव ने वार्ड 14 के पार्षद कामेश्वर गोप उर्फ कमल गोप को एक मत से हराकर उपाध्यक्ष पद जीत लिया। आनंद देव को 15 और कामेश्वर गोप को 14 मत प्राह्रश्वत हुआ। एक मत अमान्य हुआ। वार्ड 20 की पार्षद सुनीता देवी एवं 27 की सुदिह्रश्वतो चटर्जी ने वोट में भाग नहीं लिया।
लोगों की आकांक्षाओं पर खरा उतरें जनप्रतिनिधि : उपायुक्त : पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाने के बाद उपायुक्त ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पूरी तरह पारदर्शिता बरती गई है। निष्पक्षता के साथ कार्य किया गया।चुने हुएप्रतिनिधियों से कहा कि जनता ने अपना प्रतिनिधि के तौर पर आपको चुना है।
क्षेत्र की समस्याओं को सुलझाने एवं जनता की आकांक्षाओं पर खरा उतरने की जिम्मेदारी निभाते हुए शहर और वार्ड के सर्वांगीण विकास में सक्रिय
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