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डाउनलोड करेंरांची. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि नक्सली बन नहीं रहे, बनाए जा रहे हैं। सिस्टम से नाराज होकर लोग बंदूक उठा रहे हैं। आज हमारे यहां हजारों लोग बिना कोई अपराध किए जेल में बंद हैं। आखिरकार वे सिस्टम में कैसे भरोसा कर पाएंगे। झारखंड परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। अगर हम परिवर्तित नहीं हुए तो, इतिहास हमें परिवर्तित कर देगा।
मुख्यमंत्री बुधवार को एक समाचार पत्र के पुस्तक लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक अस्थिरता विकास में बाधक है। राज्य के अफसरों में इच्छाशक्ति की भी कमी है। हमारे पदाधिकारी पुराने ढर्रे पर चल रहे हैं। शायद ही कोई ऐसा अफसर हो, जिसके पास नई सोच हो। कोई पदाधिकारी नया आइडिया लेकर नहीं आता। डीसी केवल अपनी नौकरी कर रहे हैं। कोई जिम्मेवारी लेने को तैयार नहीं है। सीएम ने कहा कि पदाधिकारी फील्ड में नहीं जाते हैं। यहां पर मुख्य सचिव मौजूद हैं। वे ऐसे पदाधिकारियों को चिह्नित करें। उन्हें बर्खास्त करने में वे जरा भी देर नहीं करेंगे।
समारोह में मुख्य सचिव आरएस शर्मा, सीएम के प्रधान सचिव सुखदेव सिंह, पत्रकार बलबीर दत्त, कमलेश रघुवंशी, विधायक सीपी सिंह, अशोक भगत, उदयशंकर ओझा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
सीएम बेबस तो कैसे होगा काम : मरांडी
झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जब सीएम इतनी बेबसी व लाचारी प्रकट करेंगे तो कैसे चलेगा। विकास का एक मैकेनिज्म डेवलप करना होगा। इसके लिए जरूरी है कि सत्ता में बैठे लोग राजनीतिक इच्छा शक्तिसे काम करें और करवाएं।
विकास की लकीर खींच दी : राजेंद्र
ऊर्जा व वित्त मंत्री राजेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार ने छह माह में विकास की लकीर तो खींच ही दी है। विकास के लिए जरूरी है कि केवल विरोध की राजनीति न हो।
विश्वास में लेकर करें काम : सहाय
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि आदिवासियों व ग्रामीणों को विश्वास में लेकर काम हो, तो बेहतर रिजल्ट होगा। प्रदेश का विकास आदिवासी मॉडल पर हो, तो कहीं विरोध नहीं होगा।
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